भारत के ऐसे मंदिर जहां नहीं होती भगवान की पूजा, फिर भी लोगों की जुड़ी है अटूट श्रद्धा

Raginee Rai
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

India’s Famous Temples: मंदिर यानी भगवान का पूजास्‍थल, जब भी मंदिरों की बात की जाती है तो लोगों के मन में देश भर के प्रसिद्ध मंदिरों के नाम और उनकी छवि आने लगती है. सनातन धर्म में तैतीस कोटी देवी-देवताओं का जिक्र हैं. हिन्‍दू धर्म में ये देवी-देवता बहुत शक्तिशाली माने गए है. देवी देवताओं के जगह-जगह मंदिर बनें हैं, जिनमें उनकी पूजा की जाती है. लेकिन आज के आर्टिकल में हम आपको उन मंदिरों के बारे में बताने वाले हैं, जहां किसी भगवान की मूर्ति विराजमान नहीं हैं, फिर भी भक्तों की अटूट श्रद्धा उन मंदिरों से जुड़ी हुई है. तो आइए जानते हैं इन म‍ंदिरों के बारे में…

शकुनि मंदिर

महाभारत का इतिहास तो हम सभी जानते हैं. महाभारत काल से जुड़े दुर्योधन के मामा शकुनि का मंदिर केरल के कोल्लम जिले के पवितत्रेश्वरम में है. कहा जाता है कि शकुनि के अंदर कौरवों के लिए त्याग की भावना ही उन्हें पूजनीय बनाती है. इसलिए लोग पूरी श्रद्धा के साथ शकुनि की पूजा करते हैं. इस मंदिर में रोजाना हजारों लोग दर्शन करने आते है.

दुर्योधन मंदिर

केरल के कोल्लम में ही कौरव वंश के वीर योद्धा दुर्योधन का मंदिर है. यह मंदिर शकुनि मंदिर के पास ही निर्मित है. भारत में ये मंदिरदुर्योधन का एकमात्र मंदिर है. इस मंदिर के प्रति भी लोगों की पूरी आस्था है. जो लोग शकुनि के मंदिर आते हैं वे यहां भी दर्शन के लिए जरूर आते हैं.

हिडिंबा मंदिर

हिमाचल प्रदेश के मनाली में हिडिंबा देवी मंदिर स्थित है. यह एक प्राचीन गुफा-मंदिर है जो महाभारत काल से जुड़ा हुआ है. यह मंदिर देवी हिडिंबा (हिरमा देवी) को समर्पित है. यह मंदिर महाबलशाली भीम की पत्नी हिडिंबा के नाम से जाना जाता है. मनाली घूमने आने वाले पर्यटक यहां जरूर आते हैं.

कर्ण का मंदिर

महाभारत काल का साक्षी कर्ण मंदिर, उत्‍तर प्रदेश के मेरठ शहर के पास है. इस मंदिर के अंदर प्राचीन शिवलिंग भी है. लोगों का कहना है कि इस शिवलिंग पर जल चढ़ाने से लोगों के बिगड़े काम बन जाते हैं. ज्यादातर लोग इसी शिवलिंग के दर्शनों के लिये यहां आते हैं. पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस शिवलिंग की स्थापना दानवीर कर्ण ने खुद की थी. इसलिए भी कर्ण मंदिर लोगों की आस्था का केन्द्र है.

गिद्धेश्वर मंदिर

गिद्धेश्‍वर मंदिर बिहार के जमुई जिले में स्थित है. यहां दर्शन के लिए देशभर के लोग आ‍ते हैं. इस मंदिर का इतिहास रामायण काल से जुड़ा है. पौराणिक मान्‍यता है कि गिद्धेश्वर मंदिर में लोगों की मन्नतें पूरी होती हैं. गिद्ध और ईश्वर शब्द को मिलाकर इस मंदिर का नाम गिद्धेश्वर मंदिर पड़ा.

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