02 July 2026 Ka Panchang: गुरुवार का पंचांग, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

Shivam
Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Must Read
Shivam
Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

02 July 2026 Ka Panchang: 02 जुलाई 2026, गुरुवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से कई महत्वपूर्ण संयोग लेकर आया है. आज आषाढ़ कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि सुबह तक रहेगी, जिसके बाद तृतीया तिथि का आरंभ होगा. इसके साथ ही दिन में वैधृति योग और बाद में श्रवण नक्षत्र का संयोग भी बन रहा है. पंचांग के अनुसार किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, यात्रा या नए कार्य की शुरुआत से पहले तिथि, नक्षत्र, योग और राहुकाल की जानकारी अवश्य देखनी चाहिए, क्योंकि इन्हीं के आधार पर शुभ-अशुभ समय का निर्धारण किया जाता है.

आज वैधृति योग शाम तक रहेगा. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह योग स्थिर कार्यों के लिए शुभ माना जाता है, लेकिन यात्रा या अधिक भागदौड़ वाले कार्य इस दौरान करने से बचने की सलाह दी जाती है. वहीं सुबह उत्तराषाढ़ा नक्षत्र समाप्त होने के बाद श्रवण नक्षत्र प्रारंभ होगा, जिसे विद्या, ज्ञान, नामकरण, गृह निर्माण और कई शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है.

2 जुलाई 2026 का पंचांग

  • वार: गुरुवार
  • पक्ष: आषाढ़ कृष्ण पक्ष
  • तिथि: द्वितीया सुबह 9:39 बजे तक, इसके बाद तृतीया तिथि प्रारंभ
  • योग: वैधृति योग शाम 4:40 बजे तक
  • नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा सुबह 9:28 बजे तक, इसके बाद श्रवण नक्षत्र

2 जुलाई 2026 के शुभ मुहूर्त

यदि आप आज किसी शुभ कार्य की योजना बना रहे हैं तो पंचांग के अनुसार ये शुभ मुहूर्त रहेंगे—

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:39 बजे से 5:22 बजे तक
  • अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:16 बजे से 1:09 बजे तक
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 2:55 बजे से 3:48 बजे तक
  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 7:19 बजे से 7:41 बजे तक

2 जुलाई 2026 का अशुभ समय

आज कुछ ऐसे समय भी रहेंगे जिनमें नए या शुभ कार्य करने से बचने की सलाह दी जाती है—

  • राहुकाल: दोपहर 2:22 बजे से 4:01 बजे तक
  • यमगण्ड: सुबह 6:05 बजे से 7:44 बजे तक
  • गुलिक काल: सुबह 9:24 बजे से 11:03 बजे तक
  • विडाल योग: सुबह 6:05 बजे से 11:13 बजे तक
  • वर्ज्य: दोपहर 1:50 बजे से 3:35 बजे तक
  • दुर्मुहूर्त: सुबह 10:30 बजे से 11:23 बजे तक
  • बाण (चोर): सुबह 7:27 बजे तक
  • भद्रा: रात 10:31 बजे से 3 जुलाई सुबह 6:05 बजे तक

प्रमुख शहरों में राहुकाल

  • दिल्ली: दोपहर 2:10 बजे से 3:54 बजे तक
  • मुंबई: दोपहर 2:22 बजे से 4:01 बजे तक
  • चंडीगढ़: दोपहर 2:12 बजे से 3:58 बजे तक
  • लखनऊ: दोपहर 1:54 बजे से 3:37 बजे तक
  • भोपाल: दोपहर 2:06 बजे से 3:47 बजे तक
  • कोलकाता: दोपहर 1:22 बजे से 3:03 बजे तक
  • अहमदाबाद: दोपहर 2:25 बजे से 4:06 बजे तक
  • चेन्नई: दोपहर 1:49 बजे से 3:26 बजे तक

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

  • सूर्योदय: सुबह 5:26 बजे
  • सूर्यास्त: शाम 7:22 बजे

क्यों खास माना जाता है श्रवण नक्षत्र?

श्रवण नक्षत्र 27 नक्षत्रों में 22वां नक्षत्र माना जाता है. ‘श्रवण’ का अर्थ है सुनना और इसका प्रतीक चिन्ह कान है. इसके चारों चरण मकर राशि में आते हैं, इसलिए इसकी राशि भी मकर मानी जाती है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार श्रवण नक्षत्र में राज्याभिषेक, गृह निर्माण, नामकरण, ध्वजारोहण, प्रकाशन और शिक्षा से जुड़े कार्य करना शुभ माना जाता है. यह नक्षत्र ज्ञान प्राप्त करने, नई विद्या सीखने और उसे सुरक्षित रखने के लिए भी अत्यंत अनुकूल माना जाता है.

श्रवण नक्षत्र के स्वामी और स्वभाव

श्रवण नक्षत्र के स्वामी चंद्रमा हैं, जबकि वैदिक ज्योतिष में इसकी अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती को माना गया है. मान्यता है कि इस नक्षत्र में जन्मे लोग बुद्धिमान, स्पष्टवादी, स्वाभिमानी, सहनशील और सामाजिक व्यवहार में कुशल होते हैं. ये शिक्षा, चिकित्सा, तकनीक, कला और व्यवसाय जैसे क्षेत्रों में अच्छी सफलता प्राप्त करने की क्षमता रखते हैं. नौकरी और व्यापार दोनों क्षेत्रों में इनकी सफलता की संभावना अच्छी मानी जाती है.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई सामान्य मान्यताओं और ज्योतिष गणनाओं पर आधारित है. The Printlines इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

यह भी पढ़े: ज्ञान और भक्ति से ही होते हैं भगवान प्रकट. दिव्य मोरारी बापू

Latest News

चीनी डील को लेकर कर्ज बना नेपाल सरकार का सिरदर्द, अब उठे रहे सवाल

Nepal-China jet deals: नेपाल सरकार की तरफ से एक दशक पहले खरीदे गए चीनी विमान एक बार फिर से...

More Articles Like This