29 June 2026 Ka Panchang: सोमवार का पंचांग, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

Shivam
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29 June 2026 Ka Panchang: हिंदू धर्म में प्रत्येक दिन का पंचांग शुभ और अशुभ समय की जानकारी देने के साथ-साथ धार्मिक कार्यों की योजना बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. 29 जून 2026, सोमवार का दिन ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि के साथ कई दृष्टियों से बेहद शुभ माना गया है. आज पूर्णिमा व्रत, स्नान-दान और धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व है. इसके साथ ही संत कबीर दास जी की जयंती भी मनाई जाएगी. यदि आप आज पूजा-पाठ, व्रत, दान या किसी शुभ कार्य की योजना बना रहे हैं, तो पहले दिन के शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पंचांग की जानकारी जरूर जान लें.

29 जून 2026 का पंचांग

29 जून को ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पूरे दिन और पूरी रात रहेगी तथा अगले दिन सुबह 5 बजकर 27 मिनट तक प्रभावी रहेगी. आज शुक्ल योग दोपहर 2 बजकर 27 मिनट तक रहेगा. इसके बाद दूसरा योग प्रारंभ होगा. वहीं मूल नक्षत्र पूरे दिन और पूरी रात रहेगा तथा अगले दिन भोर 4 बजकर 4 मिनट तक प्रभावी रहेगा. आज पूर्णिमा व्रत, स्नान-दान और संत कबीर दास जयंती का विशेष महत्व भी है.

29 जून 2026 के शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:38 बजे से 5:21 बजे तक
  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:15 बजे से 1:08 बजे तक
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 2:55 बजे से 3:48 बजे तक
  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 7:19 बजे से 7:40 बजे तक
  • अमृत काल: रात 8:53 बजे से 10:40 बजे तक

29 जून 2026 का राहुकाल

  • दिल्ली: सुबह 7:11 बजे से 8:55 बजे तक
  • मुंबई: सुबह 7:44 बजे से 9:23 बजे तक
  • चंडीगढ़: सुबह 7:09 बजे से 8:55 बजे तक
  • लखनऊ: सुबह 6:59 बजे से 8:43 बजे तक
  • भोपाल: सुबह 7:19 बजे से 9:00 बजे तक
  • कोलकाता: सुबह 6:36 बजे से 8:17 बजे तक
  • अहमदाबाद: सुबह 7:38 बजे से 9:20 बजे तक
  • चेन्नई: सुबह 7:22 बजे से 8:59 बजे तक

सूर्योदय और सूर्यास्त

  • सूर्योदय: सुबह 5:25 बजे
  • सूर्यास्त: शाम 7:22 बजे

ज्येष्ठ पूर्णिमा का धार्मिक महत्व

ज्येष्ठ पूर्णिमा का दिन सनातन परंपरा में अत्यंत शुभ माना जाता है. इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करने का विशेष महत्व बताया गया है. मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक व्रत रखने, स्नान-दान करने और भगवान की आराधना करने से सुख-समृद्धि, मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूर्णिमा के दिन दान-पुण्य, जप, तप और आध्यात्मिक साधना करने से विशेष पुण्य फल मिलता है. इसलिए इस दिन जरूरतमंदों की सहायता और धार्मिक कार्यों में भाग लेना भी शुभ माना जाता है.

संत कबीर दास जयंती

29 जून को संत कबीर दास जी की जयंती भी मनाई जाएगी. संत कबीर ने अपने दोहों और विचारों के माध्यम से समाज को सत्य, प्रेम, समानता और मानवता का संदेश दिया. इस अवसर पर देशभर में विभिन्न धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं तथा उनके विचारों का स्मरण किया जाता है.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई सामान्य मान्यताओं और ज्योतिष गणनाओं पर आधारित है. The Printlines इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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