Aaj Ka Panchang 4 August 2026: आज 4 अगस्त 2026, मंगलवार का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. आज श्रावण कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि, धृति योग, रेवती नक्षत्र और मंगला गौरी व्रत का विशेष संयोग बन रहा है. सावन के मंगलवार को माता गौरी की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है. मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से व्रत और पूजा करने से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और सुखी दांपत्य जीवन का आशीर्वाद मिलता है. अगर आप आज कोई शुभ कार्य करने की योजना बना रहे हैं, तो शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय जरूर जान लें.
4 अगस्त 2026 का पंचांग
- तिथि: श्रावण कृष्ण पक्ष षष्ठी (रात 10:04 बजे तक)
- योग: धृति योग (शाम 7:34 बजे तक)
- नक्षत्र: रेवती (रात 9:54 बजे तक)
- व्रत-त्योहार: मंगला गौरी व्रत
4 अगस्त 2026 के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:48 बजे से 5:32 बजे तक
- प्रातः संध्या: सुबह 5:10 बजे से 6:16 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:19 बजे से 1:10 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:54 बजे से 3:46 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 7:13 बजे से 7:35 बजे तक
- सायाह्न संध्या: शाम 7:13 बजे से 8:19 बजे तक
- अमृत काल: शाम 7:30 बजे से रात 9:06 बजे तक
- सर्वार्थ सिद्धि योग: रात 9:54 बजे से 5 अगस्त सुबह 6:17 बजे तक
- अमृत सिद्धि योग: रात 9:54 बजे से 5 अगस्त सुबह 6:17 बजे तक
- रवि योग: रात 9:54 बजे से 5 अगस्त सुबह 6:17 बजे तक
आज का राहुकाल
- दिल्ली: दोपहर 3:48 बजे से शाम 5:29 बजे तक
- मुंबई: दोपहर 3:59 बजे से शाम 5:36 बजे तक
- चंडीगढ़: दोपहर 3:52 बजे से शाम 5:33 बजे तक
- लखनऊ: दोपहर 3:32 बजे से शाम 5:12 बजे तक
- भोपाल: दोपहर 3:43 बजे से शाम 5:22 बजे तक
- कोलकाता: दोपहर 2:59 बजे से शाम 4:37 बजे तक
- अहमदाबाद: शाम 4:02 बजे से 5:41 बजे तक
- चेन्नई: दोपहर 3:25 बजे से शाम 5:00 बजे तक
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
- सूर्योदय- 05:43 ए एम
- सूर्यास्त- 19:09 पी एम
क्या है मंगला गौरी व्रत का महत्व?
श्रावण मास में पड़ने वाले प्रत्येक मंगलवार को मंगला गौरी व्रत रखने का विधान बताया गया है. इस दिन माता गौरी यानी मां पार्वती की विधि-विधान से पूजा की जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव और माता पार्वती को सावन का महीना अत्यंत प्रिय है. इसलिए सावन के सोमवार को भगवान शिव और मंगलवार को माता गौरी की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है. मान्यता है कि मंगला गौरी व्रत के प्रभाव से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं, योग्य और मनचाहे जीवनसाथी की प्राप्ति होती है तथा दांपत्य जीवन सुखमय और मंगलमय बना रहता है.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई सामान्य मान्यताओं और ज्योतिष गणनाओं पर आधारित है. The Printlines इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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