Akshaya Tritiya 2026: हर साल वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया मनाई जाती है. हिन्दू धर्म में इस तिथि का विशेष महत्व होता है. यह दिन भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर को समर्पित हैं. धन की देवी मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए अक्षय तृतीया बेहद शुभ माना जाता है. इस दिन देवी-देवताओं को प्रसन्न करने के लिए तरह तरह के भोग चढ़ाएं जाते हैं. आज के इस लेख में हम आपको कुछ खास चीजों के बारे में बता रहे हैं, जिसे अक्षय तृतीया पर मां लक्ष्मी को जरूर चढ़ाएं.
शुभ मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार, वैशाख के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 19 अप्रैल की सुबह 10:50 से शुरू होगी, जो 20 अप्रैल की सुबह 7:27 तक रहने वाली है. इसके अलावा अक्षय तृतीया पर शुभ समय यानी रोहिणी नक्षत्र तड़के 2:08 से शुरू हो जाएगा, जो 21 अप्रैल तक रहेगा. सौभाग्य का समय शाम 4:08 तक रहेगा. अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:20 से शुरू होकर दोपहर 12:11 मिनट तक रहेगा. पंचांग के अनुसार इस दिन 20 अप्रैल की तड़के 2:08 से लेकर शाम और पूरी रात में शुभ कार्य करने का समय निर्धारित किया गया है.
अक्षय तृतीया पर लगाएं इन चीजों का भोग
- धन की देवी लक्ष्मी को श्रीफल (नारियल) अति प्रिय है, इसलिए अक्षय तृतीया के मौके पर मां लक्ष्मी की पूजा के दौरान जल से भरे लोटे के ऊपर नारियल रखकर उन्हें जरूर अर्पित करें.
- पूजा के दौरान मां लक्ष्मी को सफेद रंग के चीनी के बताशे का भोग लगाएं. मां लक्ष्मी को बताशे अति प्रिय होते है. इनका भोग लगाने से वे शीघ्र प्रसन्न होती हैं.
- अक्षय तृतीया के अवसर पर मखाना यां मखाने से बनी खीर का भोग लगाएं. कहते हैं कि देवी लक्ष्मी को पानी से जुड़ी चीजें अति प्रिय है और मखाना भी पानी में उगने वाला फल है, इसलिए मां लक्ष्मी को इसका भोग लगाएं.
- धन की देवी माता लक्ष्मी को पान अति प्रिय है. अक्षय तृतीया पर पूजा खत्म होने के बाद मां लक्ष्मी को पान का भोग अवश्य लगाएं. इससे मां लक्ष्मी की असीम कृपा प्राप्त होती है साथ ही मां सुख-समृद्धि और धन का आशीर्वाद देंगी.
अक्षय तृतीया पर इन चीजों का भोग लगाने से माता लक्ष्मी भक्तों पर अति शीघ्र प्रसन्न हो जाती हैं और लोगों की सभी मनोकामनाएं पूरी करती है. इसके अलावा मां लक्ष्मी के साथ विष्णु देव और कुबेर का लोगों को मनचाहा आशीर्वाद मिलता है. घर में सुख-शांति बनी रहती हैं.