Amarnath Yatra 2026: सुरक्षा और मौसम की चुनौतियों के बीच जम्मू-कश्मीर में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने हाई-लेवल समीक्षा बैठक की. लेफ्टिनेंट गवर्नर श्री सिन्हा ने आज सेना, J&K पुलिस, सिविल प्रशासन, CAPF और प्रमुख सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सुरक्षा की समीक्षा के लिए एक हाई-लेवल मीटिंग की अध्यक्षता की. उन्होंने अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने, खुफिया जानकारी के आधार पर आतंकवाद-विरोधी अभियानों को तेज करने और सुरक्षा से जुड़े नए खतरों को समय रहते खत्म करने के निर्देश दिए.
इस मीटिंग में लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा, जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (GOC-in-C), नॉर्दर्न कमांड; अटल डुल्लू, मुख्य सचिव; नलिन प्रभात, DGP, S.J.M. गिलानी, स्पेशल DG कोऑर्डिनेशन PHQ; लेफ्टिनेंट जनरल बलबीर सिंह, GOC 15 कोर, लेफ्टिनेंट जनरल P K मिश्रा, GOC 16 कोर, चंद्रकर भारती, प्रधान सचिव, गृह, पंकज ठाकुर, अतिरिक्त निदेशक, इंटेलिजेंस ब्यूरो, डॉ. मनदीप K. भंडारी, लेफ्टिनेंट गवर्नर के प्रधान सचिव और CEO SASB, नीतीश कुमार, ADGP, CID; डिविजनल कमिश्नर, डिप्टी कमिश्नर, IGP, सिविल प्रशासन, पुलिस, सेना, सुरक्षा बलों, खुफिया एजेंसियों और अमरनाथजी श्राइन बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए.
लेफ्टिनेंट गवर्नर ने हाल ही में खराब मौसम और इलाके में भारी बारिश को देखते हुए चल रही श्री अमरनाथ जी यात्रा के लिए लॉजिस्टिक्स और सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी विस्तार से समीक्षा की.
एलजी मनोज सिन्हा ने सभी विभागों को बेहतर तालमेल बनाए रखने और बाबा बर्फानी के सभी तीर्थयात्रियों की सुरक्षा, भलाई और सुविधा सुनिश्चित करने का निर्देश दिए. उन्होंने सभी सुविधाओं की विभाग-वार व्यापक समीक्षा करने का निर्देश दिया, जिसमें फायर और इमरजेंसी सेवाओं, पावर ग्रिड और पानी की सप्लाई के बुनियादी ढांचे का कड़ाई से ऑडिट करना शामिल है.
उपराज्यपाल ने बताया कि यात्रा के पहले 20 दिनों में 3.91 लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र गुफा में दर्शन कर चुके हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्रा का संचालन और उसका पुनः आरंभ पूरी तरह मौसम की स्थिति के अनुरूप ही किया जाएगा.
उन्होंने यात्रा मार्ग पर बिना पंजीकरण वाले सेवा प्रदाताओं पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने, 100 प्रतिशत प्रीपेड सेवा प्रणाली लागू करने, अतिरिक्त डीजल जनरेटर, ऑक्सीजन सिलेंडर, एंबुलेंस और पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध रखने के निर्देश भी दिए.