Ganesh Visarjan 2026: गणेश चतुर्थी के अवसर पर इस साल बप्पा 14 सितंबर को पधारे हैं. धार्मिकों के अनुसार अनंत चतुर्दशी के मौके पर बप्पा अपने भक्तों से विदाई लेंगे. बता दें कि अकसर लोग गणेश विसर्जन के महत्वपूर्ण नियमों को भूल जाते हैं, लेकिन आप ये गलती न करें. ऐसे में हम आपको आज गणेश विसर्जन से जुड़े कुछ खास नियमों के बारे में बताएंगे.
Ganesh Visarjan 2026 नियम
ज्योतिष के अनुसार विसर्जन के समय गणपति जी को ले जाते समयउनका मुख घर की ओर रखें, ताकि जाने से पहले बप्पा घर को आशीर्वाद दे सकें.
आरती की सामग्री Ganesh Visarjan 2026
इसके साथ ही गणपति बप्पा की विदाई के वक्त उनकी पूजा अर्चना और आरती की जाती है. ऐसे में बपपा के विदाई पूजा से जुड़ी समाग्री फल, फूल, सुपारी, चावल, हल्दी, 21 दूर्वा, कुमकुम और मिठाई के साथ करें.
लाल कपड़े से जुड़ा अनुष्ठान
माना जाता है कि घर में ऋद्धि-सिद्धि और शुभ-लाभ के लिए एक नारियल या सुपारी को हल्दी, चावल के साथ लाल कपड़े में लपेटकर अपनी तिजोरी में एक सुरक्षित जगह रख दें.
प्रसाद
सबसे महत्वपूर्ण बात बप्पा के विसर्जन के समय के दौरान उन्हें 5 मोदक चढ़ाएं और इसे सभी भक्तों में बांटें.
विसर्जन जल
इसके साथ हो सके तो घर में ही साफ बर्तन या बाल्टी में पानी भरकर पर्यावरण के अनुकूल ही विसर्जन करें औश्र बाद में उस पानी को किसी पेड़ के नीचे या पौधों में डाल दें.
विसर्जन के लिए इस मंत्र का जाप
ऐसे में बप्पा के विसर्जन से पहले 3 बार घड़ी की दिशा में परिक्रमा लगाएं और इतना करने के बाद धूमधाम से बप्पा का विसर्जन करें. भक्ति और आनंद के साथ गणपति बप्पा मोरया, पूधच्या वर्षी लवकर या” या “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” जैसे जयकारे लगाएं.
सुख-शांति और घर के लिए आशीर्वाद
इसके साथ ही बप्पा की विदाई से पहले घर की सुख-शांति और पूरे परिवार की सेहत के लिए उनके चरणों में झुककर आशीर्वाद मांगे.