सातों दिन व्रत रखने से नहीं, क्रोध छोड़ने से मिलता है प्रभु का आशीर्वाद- दिव्य मोरारी बापू

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, शरीर का ही नहीं, आत्मा का उपवास प्रभु के पास पहुंचाता है। मन से प्रभु के स्मरण में, उनके चरणों में रहना ही सच्चा उपवास है। उपवास शब्द का अर्थ होता है परमात्मा के समीप रहना, हम आप किसी तिथि या पर्व पर उपवास रखते हैं तो सुबह पूजा-पाठ के बाद श्री ठाकुर जी के चरणों में संकल्प लेते हैं कि यह हमारा चौबीस घंटे आपके चरणों में संकल्प पूर्वक व्यतीत करना है।
आप ऐसी शक्ति हमें प्रदान करें।उपवास में मनसा, वाचा, कर्मणा प्रभु चरणों में रहना होता है। मन से भी हम संसार का चिन्तन न करें,वाणी से भी उपवास के दिन संसार की चर्चा न करें और परमात्मा के पूजा-पाठ और उनके कार्यों को ही करना सच्चा उपवास है। एक सज्जन ने किसी संत से कहा कि- मेरा पुत्र सप्ताह के सातों दिन व्रत करता है।
सोमवार को भगवान शंकर का व्रत करता है, मंगलवार को श्री हनुमान जी का व्रत करता है, बुधवार को श्री गणेश जी का व्रत करता है, बृहस्पतिवार को भगवान लक्ष्मी नारायण का व्रत करता है, शुक्रवार को मां पराम्बा भगवती का व्रत करता है, शनिवार को शनिदेव की उपासना आराधना करता है और रविवार को सूर्य भगवान की आराधना उपासना करता है। संत ने कहा बहुत अच्छी बात है, करना चाहिए।
तब सज्जन ने कहा बाकी उसका गुस्सा बहुत खराब है, जब गुस्सा करता है तो पूरे परिवार को हिला देता है। संत ने कहा उसके जीवन में व्रत तो है लेकिन प्रियव्रत नहीं है।प्रियव्रत होना चाहिए, हम आप अपने जीवन में संकल्प लें कि जो कुछ भी अशुभ है उसका हम संकल्प पूर्वक त्याग करेंगे और अपने जीवन को श्रेष्ठ बनायेंगे। हमारा आपका जीवन किसी सज्जन व्यक्ति को दुःख पहुंचाने वाला नहीं होना चाहिए।
सभी हरि भक्तों को पुष्कर आश्रम एवं गोवर्धनधाम आश्रम से साधु संतों की शुभ मंगल कामना।
Latest News

15 September 2026 Ka Panchang: मंगलवार का पंचांग, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

आज 15 सितंबर 2026 को भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि सुबह 7:44 बजे तक रहेगी, इसके बाद पंचमी तिथि शुरू होगी. आज ऋषि पंचमी का पर्व मनाया जाएगा. जानें राहुकाल, शुभ मुहूर्त, नक्षत्र, योग और सूर्योदय-सूर्यास्त का पूरा समय.

More Articles Like This

Exit mobile version