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गणेशजी का स्मरण करने से दूर होते हैं विघ्न: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, सभी पुराणों को पढ़ने के बाद यह निश्चय हो जाता है कि- जो विशेषण भगवान राम के हैं, श्री कृष्ण के हैं, विष्णु के हैं, शिव के हैं, शक्ति के...

भगवान श्री गणेश जी की उपासना से सारे विघ्नों का होता हैं हरण: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, भगवान गणपति ही शेषनाग बनकर पृथ्वी को उठाये हुए हैं। हर जगह, हर समय श्री गणेश जी विद्यमान रहते हैं। इसलिए बड़ा सुंदर श्लोक आता है- नमो विष्णुस्वरूपाय नमो रुद्रस्वरुपिणे। नमस्ते ब्रह्मस्वरुपाय...

जिसके जीवन में गणपति की आराधना, उसके कार्यों में नहीं आते विघ्न- दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, सनातन धर्म में पंचदेव प्रधान माने गये हैं। एक ही परमात्मा पांच रूपों में अभिव्यक्त हो रहे हैं, उनमें गणपति का प्रथम स्थान है। घर-घर में गणेश पूजा होती...

प्रशंसा नहीं, सही आलोचना इंसान को बनाती है बेहतर- दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, पाषाणों को तराशते-तराशते शिल्पकार ने महारत हासिल कर लिया था। ऐसे कुशल शिल्पी के पास मूर्तियां बनाने के लिये लोगों की कतार लगी रहती थी। शिल्पकार के पुत्र ने पिता की...

सत्संग और अच्छे संस्कारों से बदलता है जीवन: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, प्रकाश धीरे-धीरे होता है जबकि अंधेरा तत्काल हो जाता है। सुबह में सूर्य भगवान् पूर्व दिशा में उगते हैं। प्रकाश तो केवल पूर्व दिशा से आता है लेकिन अंधकार दसों...

राजनीति में धर्म होना चाहिए, धर्म में राजनीति नहीं- दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, राजनीति और धर्म को आप अलग नहीं कर सकते। राजनीति बुरी नहीं है। राजनीति तो जीवन का एक अनिवार्य अंग है। राजनीति में तो धर्म होना चाहिए लेकिन धर्म में...

धन-दौलत से नहीं संतोष से मिलती है सच्ची खुशी: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, चार चीजों का सेवन सदा करना चाहिए- सत्संग, संतोष, दान और दया, गोधन गज धन वाजि धन, और रतन धन खान। जब आवे संतोष धन, सब धन धूरि समान।। चार अवस्थाओं में आदमी...

प्रत्येक साधक के जीवन में इन छः बातों का निर्णय होना बहुत जरूरी: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, प्रत्येक साधक के जीवन में छः बातों का निर्णय होना बहुत जरूरी है। 1- संत ÷ प्रत्येक साधक के जीवन में संत का आश्रय हो जो उसका मार्गदर्शन करे। संत, जिसके...

अभिमान छोड़ कृतज्ञता अपनाएं, जीवन में हमेशा बनी रहेगी प्रसन्नता- दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, एक पढ़े-लिखे बाबू नाव द्वारा नदी पार कर रहे थे। उन्होंने नाविक से पूँछा- क्या तुम व्याकरण जानते हो? नाविक ने उत्तर दिया, नहीं। बाबू ने कहा- तुम्हारी चार आने...

भगवान को पाने का सबसे सरल मार्ग है प्रेम: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, स्नेह:- बड़ा छोटे पर जो भाव रखता है उसे स्नेह कहते हैं। जैसे मां बेटे पर करती है उसे स्नेह या वात्सल्य कहते हैं। पिता अपने पुत्र पर स्नेह करता...
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