dharam karam

श्रीमद्भागवत के 24 अवतारों का स्मरण दिलाता है दुखों से मुक्ति: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, श्रीमद्भागवत महापुराण के प्रारम्भ में शौनकादि ऋषियों  द्वारा छः प्रश्न किये गये।जिसके उत्तर में श्रीशुकदेवजी ने सम्पूर्ण भागवत सुना दिया। भगवान नारायण के चौबीस अवतारों की कथा ही श्रीमद्भागवत महापुराण...

भागवत कथा श्रवण करने से भक्ति, ज्ञान, वैराग्य की होती है प्राप्ति: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, सत्संग के बिना न तो विवेक जागृत होता है और न स्वदोष का भान ही होता है। जब तक हमें अपने दोषों का पता नहीं लगेगा, तब तक हम उससे छुटकारा...

सातों दिन व्रत रखने से नहीं, क्रोध छोड़ने से मिलता है प्रभु का आशीर्वाद- दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, शरीर का ही नहीं, आत्मा का उपवास प्रभु के पास पहुंचाता है। मन से प्रभु के स्मरण में, उनके चरणों में रहना ही सच्चा उपवास है। उपवास शब्द का अर्थ होता...

कर्मों के अनुसार ही व्यक्ति का होता है जन्म: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, श्रीमद्भागवत महापुराण में गोवर्धन पूजा के अवसर पर भगवान श्री कृष्ण कहते हैं कि- सब कुछ कर्मों के आधीन है। कर्मों के अनुसार ही व्यक्ति का जन्म होता है और कर्मों...

ईश्वर की भक्ति से जीवन होता है सफल- दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, भक्ति से ही जीवन सुधरता है। अगर हम अपने जीवन को सफल बनाना चाहते हैं तो ईश्वर की भक्ति अति आवश्यक है। जीवन के एक-एक दोष सुधारने में पूरा जीवन लग...

सत्संग के बिना नहीं जागृत होता विवेक: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, विवेक से थोड़ा सुख भी भोगना चाहिए और भक्तिमय जीवन यापन करके भगवान को भी प्राप्त करना चाहिए। जिसके जीवन में न कोई संयम है, और न ही प्रभु की भक्ति...

रिद्धि-सिद्धि नहीं, हृदय की शुद्धि के लिए करें ईश्वर की उपासना: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, ईश्वर की उपासना रिद्धि-सिद्धि के लिए नहीं हृदय की शुद्धि के लिए करो। प्रभु को खुश रखने का लक्ष्य रखकर ही प्रत्येक काम करो। हृदय यदि हमेशा भगवद् भाव में ही...

पाप का धन किसी को भी नहीं देता शान्ति: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, स्वयं के हाथों सत्कर्म में प्रयुक्त होने वाला धन ही अपना है। धन के लिए प्रयत्न करो, पाप नहीं। जीवन में धन गौड़ है परमात्मा मुख्य हैं। आप अधिक...

जो ईश्वर का उपकार भूलता है, वह कभी नहीं होता सुखी: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, जो सुख भोगता है, उसे दुःख भोगना ही पड़ता है।  जिसके सिर पर भगवान की जगह अभिमान बैठा है, वह बहुत दुःख पाता है। जो ईश्वर का उपकार भूलता...

मन को प्रभु में पिरोए रखना ही प्रभु की सेवा: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, सांसारिक काम करते-करते परमात्मा को भूल न जाएं इसका हम सबको हमेशा ख्याल रखना चाहिए। हम लोग दुःखी हैं क्योंकि हम लोग परमात्मा को भूल गए हैं, उनके उपकार...
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