ॠद्धि-सिद्धि के लिए नहीं, बल्कि हृदय की शुद्धि के लिए करो ईश्वर की उपासना: दिव्य मोरारी बापू

Shivam
Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Must Read
Shivam
Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, भगवान शिव विषधरनाग को गले में धारण करके रखते हैं और भगवान नारायण शेष शैय्या के ऊपर शयन करते हैं। विषधर नाग को गले में धारण करना या उसके ऊपर आसन बना करके शयन करना ईश्वर के अलावा किसी के बस की बात नहीं है।
विषधर नाग काल का प्रतीक है, ईश्वर कालातीत है। संसार काल के अधीन है। काल से बचने के लिए लोग अनेक प्रयास करते हैं लेकिन कोई बच नहीं पाता, इसका कारण है मरणधर्मा संसार का आश्रय एवं निरंतर चिंतन। जब व्यक्ति ईश्वर की तरफ चल देता है, निरंतर ईश्वर का चिंतन करता है, यही ईश्वर प्राप्ति का उपाय है। ईश्वर की प्राप्ति कर लेने वाला जन्म और मृत्यु के चक्र से छुटकारा पा जाता है, यही मानव जीवन का परम लक्ष्य है।
पुत्र से नहीं,सद्गति तो अपने सत्कर्मों से प्राप्त होती है। सृष्टि को नहीं, सृष्टि को देखने वाली दृष्टि को बदलो। शरीर को परोपकार एवं परमात्मा के काम में पूरी तरह से लगा देना ही सच्चा पिंडदान है।भावपूर्ण ह्रदय ही प्रभु के सामने द्रवित होता है और उसी को जीवन की शाँति मिलती है। मनुष्य चाहे अपना कर्तव्य चूक जाय, पर ईश्वर नहीं चूक सकता।
ईश्वर की उपासना ॠद्धि-सिद्धि के लिए नहीं, बल्कि हृदय की शुद्धि के लिए करो। सभी हरि भक्तों को पुष्कर आश्रम एवं गोवर्धनधाम आश्रम से साधु संतों की शुभ मंगल कामना।
Latest News

Vivo का नया 50MP कैमरा वाला फोन लॉन्च, Snapdragon प्रोसेसर और 6500mAh बैटरी के साथ दमदार एंट्री

Vivo V60 Lite 4G (2026) को नए Snapdragon 6s Gen 2 चिपसेट, 120Hz AMOLED डिस्प्ले और 6500mAh बैटरी के साथ पेश किया गया है. फोन में 50MP कैमरा और 90W फास्ट चार्जिंग भी मिलती है.

More Articles Like This