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भगवान को पाने का मार्ग है भक्ति: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, सतीखण्ड में भगवान शिव से यह सम्पूर्ण सृष्टि किस तरह हुई इसका बड़ा सुन्दर वर्णन किया गया है। इस संसार के अधिष्ठान देवता दो है। एक भगवान शंकर और दूसरे भगवान...

श्रीशिवमहापुराण में काशीपुरी की महिमा का किया गया है वर्णन: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, श्रीशिवमहापुराण में भगवान्  शिव के नाम की बड़ी भारी महिमा का वर्णन किया गया है। पापी से पापी व्यक्ति भी अपने जीवन में उतना पाप नहीं कर सकता, जितना एक भगवान...

भगवान के किसी भी स्वरूप का पूजन करने से जीव का होता है मंगल: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, मनुष्य के जीवन में अभाव कष्ट चिन्ता तभी तक है, जब तक उसके जीवन में भगवान शिव की उपासना आराधना नहीं है। श्रीशिवमहापुराण में भक्ति,ज्ञान,वैराग्य की प्राप्ति के लिए प्रारम्भ में...

श्रीशिवमहापुराण सुनने से भक्ति, ज्ञान और मोक्ष की होती है प्राप्ति: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, श्रीशिवमहापुराण की कथा हमेशा सुनना चाहिए। समस्त कल्मष को धोने वाली है। श्रीशिवमहापुराण की कथा भक्ति को प्रदान करने वाली है। भगवान शिव भोला भंडारी हैं इसलिए प्रभु को शिव भोला भंडारी...

सद्गति पुत्र से नहीं सत्कर्म से होती है प्राप्त: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, ममता राखे राम से, समता सब संसार, संसार में सम्मान सबका करना चाहिए, महत्व सबको देना चाहिए लेकिन ममता किसी से नहीं रखना चाहिए। तीन शब्द अपने शास्त्रों में बताया गया। प्रेम,...

सन्त ही सर्वेश्वर के स्वरूप की करते हैं पहचान: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, आषाढ़ मास की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला गुरुपूर्णिमा पर्व का इतिहास प्राचीनकाल से जुड़ा है। इसे व्यास पूर्णिमा भी कहते हैं। सनातन धर्म में वेदों के संकलनकर्ता और १८ पुराणों के...

भगवान श्रीकृष्ण ने एक मुट्ठी तन्दुल खाकर सुदामा के सारे कष्ट को कर दिया समाप्त: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, श्री सुदामा जी भगवान् श्रीकृष्ण के बाल सखा थे। उन्होंने अवंतिका पुरी में संदीपनी मुनि के आश्रम पर भगवान के साथ गुरुकुल में विद्या अध्ययन किया था। भगवान श्रीकृष्ण विद्याध्ययन करके मथुरा वापस...

जो विष पीने को तैयार है वही कर सकता है ईश्वर की प्राप्ति: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, रासलीला, कंस का उद्धार, श्रीकृष्ण रुक्मिणी विवाह की कथा का गान किया गया आध्यात्मिक दृष्टि से रास शब्द का अर्थ होता है," रसानां समूहः रासः " रस आनन्द को कहते हैं। कई बार...

नंदोत्सव के अठारह मंत्रों के पाठ से भागवत श्रवण करने का प्राप्त होता है पुण्य: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, नंदोत्सव का वर्णन, पूतना, शकटासुर और तृणावर्त का उद्धार। नामकरण संस्कार, भगवान की अनेक बाल लीला, माखन चोरी, मृदभक्षण लीला, दामोदर लीला का गान किया गया। वृन्दावन लीला में, वकासुर वत्सासुर,...

प्रभु श्री राम के चरित्र के द्वारा हुई समाज में मर्यादा की स्थापना: दिव्य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, दो वंश इस संसार में बड़े महिमामण्डित हुए, पहला सूर्यवंश जिसमें भगवान राम का अवतार हुआ। प्रभु श्री राम ने अपने मंगलमय चरित्र से समाज में मर्यादा का स्थापना...
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