Panchmukhi Hanuman: घर में पंचमुखी हनुमान की तस्वीर लगाना क्यों माना जाता है शुभ? जानें पांचों मुखों का महत्व और सही दिशा

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Panchmukhi Hanuman: सनातन धर्म में भगवान हनुमान को शक्ति, साहस, भक्ति और संकटों से रक्षा करने वाला माना जाता है. हनुमान जी के कई स्वरूपों में पंचमुखी हनुमान का विशेष महत्व बताया गया है. मान्यता है कि उनके पांचों मुख अलग-अलग शक्तियों और गुणों का प्रतिनिधित्व करते हैं. पंचमुखी स्वरूप को साहस, सुरक्षा, स्वास्थ्य, समृद्धि, ज्ञान और विजय से जोड़कर देखा जाता है. यही वजह है कि घर में पंचमुखी हनुमान की तस्वीर रखने को भी शुभ माना जाता है.

क्या है पंचमुखी हनुमान के स्वरूप की कथा?

सनातन धर्म की मान्यताओं के अनुसार, जब अहिरावण भगवान राम और लक्ष्मण को पाताल लोक ले गया था, तब उन्हें मुक्त कराने के लिए हनुमान जी ने पंचमुखी स्वरूप धारण किया. कहा जाता है कि पाताल लोक में पांच अलग-अलग दिशाओं में पांच दीपक रखे हुए थे. अहिरावण का अंत तभी संभव था, जब इन पांचों दीपकों को एक साथ बुझाया जाता. इसके लिए हनुमान जी ने पांच मुखों वाला स्वरूप धारण किया और एक साथ सभी दीपकों को बुझाकर अहिरावण का वध किया. इसके बाद उन्होंने भगवान राम और लक्ष्मण को पाताल लोक से मुक्त कराया.

पंचमुखी हनुमान के पांचों मुख का क्या है महत्व?

1. वानर मुख

पंचमुखी हनुमान का मुख्य मुख वानर रूप में होता है. इसे पूर्व दिशा से संबंधित माना जाता है. मान्यता के अनुसार यह स्वरूप साहस, यश, पवित्रता और भक्ति का प्रतीक है. इसे हनुमान जी की शक्ति और भगवान राम के प्रति उनके समर्पण से भी जोड़कर देखा जाता है.

2. नरसिंह मुख

दक्षिण दिशा की ओर माने जाने वाले सिंह मुख को भगवान नरसिंह का स्वरूप बताया जाता है. यह रूप भय से मुक्ति, शत्रुओं पर विजय और नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है. मान्यता है कि नरसिंह स्वरूप व्यक्ति के भीतर साहस बढ़ाने और भय से बाहर निकलने की शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है.

3. गरुड़ मुख

पंचमुखी हनुमान के स्वरूप में गरुड़ मुख को पश्चिम दिशा से संबंधित माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं में गरुड़ को विषैले प्रभावों और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा से जोड़कर देखा जाता है. इसी वजह से गरुड़ मुख को बाधाओं और नकारात्मक ऊर्जा से बचाव का प्रतीक माना जाता है.

4. वराह मुख

उत्तर दिशा से संबंधित वराह मुख भगवान विष्णु के वराह स्वरूप का प्रतिनिधित्व करता है. इसे स्वास्थ्य, लंबी आयु, स्थिरता और समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है. मान्यता के अनुसार, पंचमुखी हनुमान का यह स्वरूप जीवन में स्थिरता और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है.

5. हयग्रीव मुख

पंचमुखी हनुमान का ऊपर की ओर रहने वाला अश्व मुख भगवान हयग्रीव के स्वरूप से संबंधित माना जाता है. इसे ज्ञान, बुद्धि और विजय का प्रतीक बताया गया है. विद्यार्थियों और ज्ञान की साधना करने वाले लोगों के लिए इस स्वरूप को विशेष महत्व दिया जाता है.

घर में कहां लगाएं पंचमुखी हनुमान की तस्वीर?

वास्तु से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार, पंचमुखी हनुमान की तस्वीर घर के मुख्य द्वार पर लगाना शुभ माना जाता है. इसे ड्रॉइंग रूम या लिविंग रूम में भी रखा जा सकता है. दक्षिण दिशा को पंचमुखी हनुमान की तस्वीर लगाने के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है. इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम यानी नैऋत्य कोण में भी तस्वीर लगाने की मान्यता है. माना जाता है कि इस दिशा में पंचमुखी हनुमान का स्वरूप घर को नकारात्मक ऊर्जा से बचाने में सहायक होता है.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई सामान्य मान्यताओं और ज्योतिष गणनाओं पर आधारित है. The Printlines इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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