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The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, जिनके माता-पिता जीवित हों, वे प्रातः काल सबसे पहले उन्हें प्रणाम करें। जिनके माता-पिता जीवित न हों, वे भी मन में उनका वंदन करके ही दूसरे काम करें। मां-बाप ही प्रत्यक्ष परमात्मा है। ऐसे परमात्मा की उपेक्षा करने वाले वाले की पूजा प्रभु कभी स्वीकार नहीं करते।
किन्तु आज का सुशिक्षित मनुष्य तो माँ-बाप के चरण स्पर्श करने में भी शर्माता है। इसके बजाय तो उसे नहीं पढ़ाया गया होता तो कितना अच्छा होता है। जहाँ आचार-विचार की शुद्धता है वहीं भक्ति की परिपुष्टि है।सभी हरि भक्तों को पुष्कर आश्रम एवं गोवर्धनधाम आश्रम से साधु संतों की शुभ मंगल कामना।