सर्वपितृ अमावस्या पर पितरों के भोग में जरूर रखें ये 7 चीजें, तृप्त होंगे पूर्वज और मिलेगी पितृ दोष से मुक्ति!

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Sarva Pitru Amavasya 2026: 10 अक्टूबर 2026 को पितृ पक्ष का अंतिम दिन है, जिसे सर्वपितृ अमावस्या के नाम से जाना जाता है. हिंदू धर्म में इस दिन का विशेष महत्व माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सर्वपितृ अमावस्या पर पितरों का श्राद्ध और तर्पण करने से पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की जाती है. जिन लोगों को अपने पूर्वजों की मृत्यु तिथि याद नहीं है या जो किसी कारण निर्धारित तिथि पर श्राद्ध नहीं कर पाए हैं, वे इस दिन उनका श्राद्ध कर सकते हैं.

मान्यता है कि सर्वपितृ अमावस्या पर विधि-विधान से श्राद्ध, तर्पण और दान करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है. इस दिन पितरों को भोजन अर्पित करने की भी परंपरा है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्राद्ध की थाली में कुछ खास चीजें शामिल करना शुभ माना जाता है. आइए जानते हैं उन 7 चीजों के बारे में, जिन्हें सर्वपितृ अमावस्या पर पितरों को भोग के रूप में अर्पित किया जा सकता है….

1. खीर

सर्वपितृ अमावस्या पर श्राद्ध की थाली में खीर को विशेष महत्व दिया जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, खीर के बिना पितरों का भोग अधूरा माना जाता है. परंपरा के अनुसार, इसे गाय के दूध से तैयार किया जाता है और पितरों को श्रद्धापूर्वक अर्पित किया जाता है.

2. चावल

श्राद्ध के भोजन में चावल भी शामिल किए जाते हैं. मान्यता है कि पितरों को चावल अर्पित करना शुभ होता है और इससे पितृ दोष से राहत मिलने की कामना की जाती है. इसलिए सर्वपितृ अमावस्या पर तैयार की जाने वाली श्राद्ध की थाली में चावल रखे जा सकते हैं.

3. उड़द दाल के व्यंजन

श्राद्ध के भोजन में उड़द दाल से बने व्यंजनों को भी शामिल करने की परंपरा है. इसके लिए उड़द की दाल, पकौड़े, दाल की कचौड़ी या दही बड़े तैयार किए जा सकते हैं. मान्यता के अनुसार, पितरों को श्रद्धापूर्वक भोजन अर्पित करना श्राद्ध कर्म का महत्वपूर्ण हिस्सा है.

4. पूड़ी

सर्वपितृ अमावस्या पर श्राद्ध की थाली में पूड़ी भी शामिल की जाती है. पारंपरिक श्राद्ध भोज में पूड़ी के साथ अन्य सात्विक व्यंजन तैयार किए जाते हैं. इन्हें विधि-विधान से पितरों को अर्पित किया जाता है.

5. मौसमी सब्जियां

श्राद्ध के भोजन में मौसमी सब्जियों को भी जगह दी जाती है. इस अवसर पर कई घरों में कद्दू की सब्जी बनाने की परंपरा है. भोजन तैयार करते समय शुद्धता और सात्विकता का विशेष ध्यान रखा जाता है.

6. मौसमी फल

पितरों को अर्पित किए जाने वाले भोग में मौसमी फल भी शामिल किए जा सकते हैं. आप अपनी उपलब्धता और पारिवारिक परंपरा के अनुसार फल चुन सकते हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार, श्रद्धा के साथ फल अर्पित करना भी श्राद्ध कर्म का हिस्सा है.

7. पितरों की पसंद का भोजन

इन पारंपरिक व्यंजनों के अलावा श्राद्ध की थाली में पितरों की पसंद के पकवान भी शामिल किए जा सकते हैं. यदि परिवार में किसी पूर्वज को राजमा, छोले, कढ़ी या रबड़ी जैसे व्यंजन पसंद थे, तो उन्हें भी भोजन में रखा जा सकता है. ऐसा करने के पीछे अपने पूर्वजों को श्रद्धापूर्वक याद करने और उनकी पसंद का सम्मान करने की भावना जुड़ी होती है.

सर्वपितृ अमावस्या पर इन बातों का रखें ध्यान

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितरों को अर्पित किए जाने वाले भोजन में लहसुन और प्याज का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. श्राद्ध के लिए सात्विक भोजन तैयार करें और उसे श्रद्धा के साथ अर्पित करें. साथ ही, अपने परिवार की परंपराओं और स्थानीय धार्मिक विधि के अनुसार श्राद्ध, तर्पण और दान करें.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई सामान्य मान्यताओं और ज्योतिष गणनाओं पर आधारित है. The Printlines इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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