सुन्दरकाण्ड का पाठ जीवन की बाधाओं को करता है दूर: दिव्य मोरारी बापू

Shivam
Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Must Read
Shivam
Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, सुन्दरकाण्ड हनुमत उपासना का सोपान है। बहुत ऐसे ग्रह हैं जो व्यक्ति के जीवन में रुकावट पैदा करते हैं। सुन्दरकाण्ड का पाठ करने से सारे ग्रह अनुकूल हो जाते हैं।
सब कुछ सुन्दर हो जाता है। श्री रामचरितमानस के पंचम सोपान का नाम सुन्दरकाण्ड रखा गया, इस पर संतों ने कई भाव दिये हैं। एक संत कहते हैं कि इस सोपान में सब कुछ सुंदर है इसलिए इसका नाम सुन्दरकाण्ड है।
सुन्दरे सुन्दरी सीता, सुन्दरे सुन्दर: कपि:।
सुन्दरे सुन्दरी वार्ता, इति सुन्दर मुच्यते।।
दूसरे संत कहते हैं कि त्रिकूटाचल पर लंका बसी हुई है। त्रिकूटाचल में तीन शिखर हैं। सुन्दर गिरि, सुबेल गिरि और नीलगिरि। अशोक वाटिका सुन्दर गिरि पर बसी हुई है। सुन्दरकाण्ड की सारी लीला अशोक वाटिका पर केन्द्रित है। इसलिए इस सोपान का नाम सुन्दरकाण्ड है।
तीसरे संत कहते हैं कि-इस संसार में भक्ति ही सुन्दर है। सुन्दरकाण्ड भक्ति का सोपान है। इसलिए इसका नाम सुन्दरकाण्ड है। श्री हनुमान जी लंका जाते हैं मार्ग में चार बधाये आईं। मैनाक, सुरसा, सिंहिका और लंकिनी। आध्यात्मिक दृष्टि से मैनाक अर्थात् बहुत अधिक समृद्धि, सुरसा अर्थात प्रशंसा, सिंहिका ईर्ष्या, लंकिनी अर्थात् भेदी बुद्धि। अधिक संपत्ति, प्रशंसा ईर्ष्या और भेदी बुद्धि चार से जो बचेगा वही भवसागर पार होकर भक्ति की प्राप्ति कर सकेगा।
श्री हनुमान जी के द्वारा भगवती सीता का दर्शन और लंका दहन होता है। श्री हनुमान जी प्रभु के पास वापस आते हैं और पूरी सेना समुद्र के तट पर पहुंचती है। विभीषण शरणागति का वृहद वर्णन सुंदरकांड में किया गया। सभी हरि भक्तों को पुष्कर आश्रम एवं गोवर्धनधाम आश्रम से साधु संतों की शुभ मंगल कामना।
Latest News

AI से न्यूड फोटो बनाने पर बवाल, xAI ने बैन लगाने वाली सरकार पर ही ठोका मुकदमा

Elon Musk: किसी भी सिंपल सी फोटो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से उसे नकली न्यूड तस्वीर में...

More Articles Like This