Vastu Tips: घर में दौड़ते हुए घोड़े की प्रतिमा रखें या हाथी की मूर्ति? जानिए किससे मिलेगा ज्यादा लाभ

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Vastu Tips: वास्तु शास्त्र और फेंगशुई में घर की सजावट के लिए रखी जाने वाली कई वस्तुओं को केवल सुंदरता ही नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य से भी जोड़कर देखा जाता है. इन्हीं में दौड़ते हुए घोड़ों की प्रतिमा और हाथी की मूर्ति का विशेष महत्व माना गया है. बहुत से लोग घर या ऑफिस में इन दोनों में से किसी एक को रखने की योजना तो बनाते हैं, लेकिन यह तय नहीं कर पाते कि उनके लिए कौन-सा विकल्प अधिक शुभ रहेगा.

वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, दोनों प्रतीकों का अपना अलग महत्व है. जहां दौड़ते हुए घोड़े सफलता, प्रगति और ऊर्जा के प्रतीक माने जाते हैं, वहीं हाथी की मूर्ति स्थिरता, समृद्धि, बुद्धिमत्ता और पारिवारिक सुख-शांति का प्रतीक मानी जाती है. ऐसे में यह समझना जरूरी है कि आपकी जरूरत क्या है और उसी के अनुसार सही विकल्प का चुनाव किया जाए.

दौड़ते हुए घोड़े क्यों माने जाते हैं शुभ?

वास्तु शास्त्र और फेंगशुई में दौड़ते हुए घोड़ों को ऊर्जा, आत्मविश्वास, गति और सफलता का प्रतीक माना गया है. मान्यता है कि इनकी प्रतिमा या पेंटिंग व्यक्ति को अपने लक्ष्य की ओर लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है और कार्यक्षेत्र में सकारात्मक माहौल बनाने में मदद करती है. इसी वजह से नौकरीपेशा लोगों, कारोबारियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के बीच सात दौड़ते हुए घोड़ों की तस्वीर या प्रतिमा काफी लोकप्रिय मानी जाती है. माना जाता है कि यह करियर और व्यापार में नई संभावनाओं का मार्ग खोलने का प्रतीक होती है.

दौड़ते हुए घोड़ों की प्रतिमा किस दिशा में रखें?

वास्तु के अनुसार सात दौड़ते हुए घोड़ों की प्रतिमा या पेंटिंग को सबसे शुभ माना जाता है. इसे घर या ऑफिस में इस प्रकार लगाना चाहिए कि घोड़ों का मुख घर के अंदर की ओर रहे. ऐसी मान्यता है कि इससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह घर के भीतर बना रहता है. वहीं यदि प्रतिमा गलत दिशा में रखी जाए, तो अपेक्षित शुभ परिणाम नहीं मिल पाते.

हाथी की मूर्ति का क्या है महत्व?

वास्तु शास्त्र में हाथी को शक्ति, बुद्धिमत्ता, सौभाग्य और स्थिरता का प्रतीक माना गया है. घर में हाथी की मूर्ति रखने से परिवार में शांति और सौहार्द बना रहने की मान्यता है. इसके अलावा यह आर्थिक स्थिरता, सुरक्षा और सकारात्मक वातावरण का भी प्रतीक मानी जाती है. यही कारण है कि कई लोग अपने घर के ड्राइंग रूम, प्रवेश द्वार या पूजा स्थान के आसपास हाथी की प्रतिमा स्थापित करते हैं.

हाथी की मूर्ति रखते समय किन बातों का रखें ध्यान?

वास्तु के अनुसार ऊपर उठी हुई सूंड वाले हाथी की मूर्ति को शुभ माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि यह धन, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करने का प्रतीक होती है. वहीं यदि हाथियों की जोड़ी हो या दोनों हाथियों की सूंड एक-दूसरे से मिली हुई हो, तो इसे परिवार में प्रेम, सामंजस्य और आपसी विश्वास का प्रतीक माना जाता है. ऐसे प्रतीक परिवार के सदस्यों के बीच रिश्तों को मजबूत करने का संकेत माने जाते हैं.

आपके लिए कौन-सा विकल्प रहेगा बेहतर?

दौड़ते हुए घोड़े और हाथी की मूर्ति, दोनों का महत्व अलग-अलग उद्देश्यों से जुड़ा माना गया है. यदि आपका लक्ष्य करियर में आगे बढ़ना, व्यापार का विस्तार करना, नई सफलता प्राप्त करना या प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करना है, तो दौड़ते हुए घोड़ों की प्रतिमा को अधिक उपयुक्त माना जाता है. वहीं यदि आपकी प्राथमिकता घर में सुख-शांति, आर्थिक स्थिरता, पारिवारिक सौहार्द और सकारात्मक वातावरण बनाए रखना है, तो हाथी की मूर्ति बेहतर विकल्प मानी जाती है.

जरूरत के अनुसार करें चुनाव

वास्तु शास्त्र में दोनों प्रतीकों को शुभ माना गया है, लेकिन उनका उद्देश्य अलग-अलग बताया गया है. इसलिए घर या ऑफिस में किसी भी प्रतिमा को रखने से पहले अपनी आवश्यकता और उसके लिए बताए गए वास्तु नियमों का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है. सही दिशा और उचित स्थान पर रखी गई प्रतिमा को ही शुभ फल देने वाला माना जाता है.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई सामान्य मान्यताओं और ज्योतिष गणनाओं पर आधारित है. The Printlines इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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