Adani Ports Q3 Results: अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) ने मंगलवार को वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही के वित्तीय नतीजों का ऐलान किया. अक्टूबर से दिसंबर की अवधि में कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 21 प्रतिशत की बढ़त के साथ 3,043 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. वहीं, पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी ने 2,518 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था.
आय में 22% की सालाना बढ़ोतरी
कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में उसकी आय सालाना आधार पर 22 प्रतिशत बढ़कर 9,705 करोड़ रुपए हो गई है, जो कि वित्त वर्ष 25 की समान अवधि में 7,964 करोड़ रुपए थी. वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में अदाणी पोर्ट्स के मुख्य कारोबार का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है. इसमें पोर्ट्स, लॉजिस्टिक्स, मरीन सर्विसेज और अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशंस शामिल हैं.
EBITDA गाइडेंस बढ़ाकर ₹800 करोड़ किया
एपीएसईजेड के पूर्णकालिक निदेशक और सीईओ अश्वनी गुप्ता ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती एकीकृत लॉजिस्टिक्स कंपनी के रूप में एपीएसईजेड ने एक बार फिर मजबूत और टिकाऊ प्रदर्शन किया है. उन्होंने बताया कि चार प्रमुख कारोबारी स्तंभों में बनी निरंतर गति और एनक्यूएक्सटी के सफल समेकन के चलते कंपनी वित्त वर्ष 2026 के लिए अपने ईबीआईटीडीए गाइडेंस के ऊपरी स्तर को बढ़ाकर 800 करोड़ रुपये करने में सफल रही है.
कंटेनर मार्केट में 45.8% हिस्सेदारी
कंपनी ने भारत के कंटेनर बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी है, जहां इस अवधि में इसका मार्केट शेयर 45.8 प्रतिशत रहा. एपीएसईजेड के मुताबिक घरेलू बंदरगाहों से होने वाली आय में 15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि ईबीआईटीडीए 4,877 करोड़ रुपये के अब तक के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया. वहीं, लॉजिस्टिक्स कारोबार में एसेट-लाइट सेवाओं की अहम भूमिका रही, जिससे इसकी आय सालाना आधार पर 62 प्रतिशत बढ़कर 1,121 करोड़ रुपये हो गई.
समुद्री सेवाओं और इंटरनेशनल बिजनेस में मजबूती
कंपनी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय माल ढुलाई सेवाओं से होने वाले मुनाफे में भी मजबूत सुधार हुआ है. वहीं, समुद्री सेवाओं से आय भी तिमाही में दोगुनी होकर 773 करोड़ रुपए हो गई है. कंपनी के मजबूत वित्तीय प्रदर्शन के कारण इसे अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से भी मजबूत रेटिंग मिली है. कंपनी के मजबूत प्रदर्शन को देखते हुए जापान की क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने उसे ए- रेटिंग प्रदान की है, जो भारत की सॉवरेन रेटिंग से ऊपर है. वहीं, मूडीज ने कंपनी के आउटलुक में बदलाव करते हुए उसे नकारात्मक से स्थिर कर दिया है और बीएए3 रेटिंग को यथावत रखा है.