Ambuja Cements Q3 Results: अदाणी ग्रुप की कंपनी अंबुजा सीमेंट्स ने शुक्रवार को FY26 की तीसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी किए. अक्टूबर से दिसंबर की अवधि में कंपनी का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 258% की जबरदस्त बढ़त के साथ 3,781 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. इस दौरान कंपनी की बिक्री वॉल्यूम भी 17% बढ़कर 18.9 मिलियन टन हो गई, जो अब तक की सबसे ऊंची तिमाही वॉल्यूम है.
FY26 की तीसरी तिमाही में अंबुजा सीमेंट्स की आय में सालाना आधार पर 20% की वृद्धि दर्ज की गई. वहीं, इस तिमाही में कंपनी का EBITDA 53% उछलकर 1,353 करोड़ रुपये हो गया. अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के दौरान कंपनी की नेटवर्थ भी 361 करोड़ रुपये बढ़कर 69,854 करोड़ रुपये पहुंच गई.
कर्ज मुक्त कंपनी, AAA रेटिंग बरकरार
कंपनी कर्ज मुक्त बनी हुई है और क्रिसिल और केयर की ओर से कंपनी को उच्चतम AAA (Stable)/A1+ रेटिंग दी गई है. कंपनी ने बताया कि उसके पास पूंजीगत खर्च करने के लिए पर्याप्त मात्रा में कैश फ्लो मौजूद है. कंपनी ने एक बयान में कहा कि दिसंबर तिमाही अंबुजा सीमेंट के लिए परिवर्तनकारी रही है.कंपनी के अनुसार, सबसे अहम फैसलों में ACC लिमिटेड और ओरिएंट सीमेंट लिमिटेड के अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड में विलय की घोषणा शामिल है. इस कदम से एक एकीकृत वन सीमेंट प्लेटफॉर्म तैयार हुआ है, जो कंपनी की विकास गति को तेज करने, परिचालन दक्षता और पूंजी उपयोग को बेहतर बनाने के साथ-साथ बाजार में नेतृत्व की स्थिति को और मजबूत करेगा तथा दीर्घकालिक मूल्य सृजन में सहायक होगा.
उत्पादन क्षमता बढ़कर 109 मिलियन टन
अपनी विस्तार रणनीति के तहत अंबुजा सीमेंट्स ने 2.4 मिलियन टन प्रति वर्ष क्षमता वाली मारवाड़ ग्राइंडिंग यूनिट को भी परिचालन में ला दिया है. इसके साथ ही कंपनी की कुल सीमेंट उत्पादन क्षमता बढ़कर 109 मिलियन टन प्रति वर्ष हो गई है. अंबुजा सीमेंट के पूर्णकालिक निदेशक और सीईओ विनोद बाहेती ने कहा, “हमने अब तक की सबसे अधिक तिमाही मात्रा हासिल की है, ट्रेड और प्रीमियम सीमेंट की बिक्री में वृद्धि हुई है, जिससे उद्योग के प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बेहतर लाभ अर्जित करने में मदद मिली है.” इस तिमाही में कंपनी ने 225 मेगावाट के सौर ऊर्जा संयंत्र चालू किए हैं, जिससे कंपनी की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़कर 898 मेगावाट हो गई है.
EBITDA और लागत प्रबंधन में सुधार
अंबुजा सीमेंट की योजना इसे वित्त वर्ष 27 के अंत तक बढ़ाकर 1,122 मेगावाट करने की है. बाहेती ने कहा, “लागत प्रबंधन में हमारी प्रगति के चलते तीसरी तिमाही में बिक्री लागत में सालाना आधार पर 2% की गिरावट आई है, जबकि FY26 के नौ महीनों में यह गिरावट 3% रही.”
इसके परिणामस्वरूप कंपनी की मौजूदा परिसंपत्तियों ने तीसरी तिमाही में 850 रुपये प्रति मीट्रिक टन का EBITDA हासिल किया, जबकि पिछले नौ महीनों में यह आंकड़ा 1,045 रुपये प्रति मीट्रिक टन रहा. कुल मिलाकर, तीसरी तिमाही में कंपनी का EBITDA 718 रुपये प्रति मीट्रिक टन रहा, जो पिछले नौ महीनों में 943 रुपये प्रति मीट्रिक टन दर्ज किया गया था. कंपनी का मानना है कि वन सीमेंट प्लेटफॉर्म से परिचालन दक्षता और विकास पहलों को और गति मिलेगी.