ATM Cash Crisis: छोटे शहरों में ATM बंद होने का खतरा, कैश की कमी पर RBI तक पहुंची शिकायत

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

ATM Cash Crisis: देश में डिजिटल पेमेंट का चलन भले ही तेजी से बढ़ रहा हो, लेकिन आज भी करोड़ों लोग अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए ATM से नकदी निकालने पर निर्भर हैं. खासकर छोटे शहरों, कस्बों और ग्रामीण इलाकों में नकद लेनदेन का महत्व अभी भी बना हुआ है. ऐसे में ATM इंडस्ट्री से आई एक चेतावनी ने चिंता बढ़ा दी है. इंडस्ट्री से जुड़े संगठनों का कहना है कि यदि हालात नहीं सुधरे तो देश के कई टियर-2 और टियर-3 शहरों में ATM में नकदी की कमी हो सकती है. इतना ही नहीं, कई ATM अस्थायी रूप से बंद होने की नौबत भी आ सकती है.

ATM ऑपरेटर्स का कहना है कि समस्या देश में नकदी की कमी की नहीं है, बल्कि छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों तक पर्याप्त कैश पहुंचाने में दिक्कत आ रही है. इस मुद्दे को लेकर ATM इंडस्ट्री ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और बैंकों के सामने अपनी चिंता भी जाहिर की है.

क्या है पूरा मामला?

ATM ऑपरेटर्स के संगठन CATMi (Confederation of ATM Industry) ने RBI और बैंकों को आगाह किया है कि कई राज्यों में ATM में नकदी भरने के लिए पर्याप्त कैश नहीं मिल रहा है. संगठन का कहना है कि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में ATM तक कैश पहुंचाने में लगातार दिक्कतें आ रही हैं. इसी वजह से कई स्थानों पर ATM जल्दी खाली हो रहे हैं और यदि यह स्थिति बनी रही तो नकदी संकट और गहरा सकता है. इंडस्ट्री का मानना है कि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया तो ATM सेवाओं पर असर पड़ सकता है.

छोटे शहरों पर ज्यादा असर क्यों?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार देश के सबसे बड़े ATM नेटवर्क वाले SBI के कई ATM में कैश वितरण को लेकर असंतुलन की शिकायतें सामने आई हैं. आरोप है कि बड़े शहरों और मेट्रो क्षेत्रों में ज्यादा नकदी भेजी जा रही है, जबकि छोटे शहरों और कस्बों में स्थित ATM को पर्याप्त मात्रा में कैश नहीं मिल पा रहा. इसके कारण छोटे शहरों के ATM अपेक्षाकृत जल्दी खाली हो रहे हैं. जिन इलाकों में लोगों के पास बैंक शाखाओं या वैकल्पिक नकदी सुविधाओं की पहुंच कम है, वहां यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है. CATMi का कहना है कि छोटे शहरों में कैश सप्लाई की समस्या का असर सीधे ग्राहकों पर पड़ सकता है, क्योंकि इन क्षेत्रों में नकद लेनदेन की जरूरत अभी भी काफी अधिक है.

ATM बंद होने से इंडस्ट्री को हो रहा भारी नुकसान

ATM ऑपरेटर्स का कहना है कि नकदी की कमी के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ रहा है. जब ATM में कैश नहीं होता तो ग्राहक लेनदेन नहीं कर पाते और इससे ऑपरेटर्स की कमाई प्रभावित होती है. CATMi के मुताबिक ATM बंद होने या कैश खत्म होने की स्थिति में ऑपरेटर्स को ट्रांजैक्शन फीस और इंटरचेंज फीस का नुकसान उठाना पड़ता है. इंडस्ट्री का दावा है कि इस समस्या के कारण अब तक उन्हें 100 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है. इसी वजह से ATM इंडस्ट्री ने बैंकिंग सिस्टम से मुआवजे की मांग भी की है.

बढ़ती लागत ने बढ़ाई मुश्किल

ATM ऑपरेटर्स की परेशानी सिर्फ नकदी की कमी तक सीमित नहीं है. बढ़ती महंगाई और परिचालन लागत भी इस उद्योग पर दबाव बढ़ा रही है. ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण नकदी को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने की लागत बढ़ गई है. इसके अलावा कर्मचारियों की सैलरी और अन्य संचालन खर्चों में भी लगातार इजाफा हुआ है. दूसरी तरफ ATM से नकदी निकालने वाले लोगों की संख्या में भी गिरावट देखी जा रही है.

इसकी बड़ी वजह डिजिटल पेमेंट का तेजी से बढ़ता उपयोग है. UPI, मोबाइल वॉलेट और ऑनलाइन बैंकिंग के बढ़ते इस्तेमाल ने ATM ट्रांजैक्शन को प्रभावित किया है.

क्या आम लोगों को घबराने की जरूरत है?

फिलहाल ATM इंडस्ट्री की चेतावनी के बावजूद आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है. CATMi ने खुद कहा है कि देश में नकदी की कोई कमी नहीं है. समस्या सिर्फ कुछ इलाकों तक कैश पहुंचाने और उसके वितरण से जुड़ी हुई है. यानी देश में मुद्रा की उपलब्धता पर्याप्त है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में उसकी सप्लाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है.

RBI ने क्या कहा?

भारतीय रिजर्व बैंक ने भी स्पष्ट किया है कि उसके पास पर्याप्त मुद्रा भंडार मौजूद है. RBI का कहना है कि जहां जरूरत होगी वहां तुरंत नकदी उपलब्ध कराई जाएगी. केंद्रीय बैंक ने भरोसा दिलाया है कि ग्राहकों को नकदी की कमी का सामना नहीं करने दिया जाएगा और बैंकिंग व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे.

ATM से पैसा निकालने वालों के लिए सलाह

यदि आप ऐसे इलाके में रहते हैं जहां ATM की संख्या कम है या नकदी की उपलब्धता सीमित रहती है, तो जरूरत पड़ने पर पहले से नकदी की व्यवस्था रखना उपयोगी हो सकता है. इसके साथ ही UPI, नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और अन्य डिजिटल भुगतान विकल्पों का अधिक इस्तेमाल करने से ऐसी स्थिति में होने वाली परेशानी से बचा जा सकता है.

फिलहाल क्या है स्थिति?

ATM इंडस्ट्री ने RBI और बैंकों से जल्द समाधान की मांग की है. संगठन का कहना है कि अगर छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में कैश सप्लाई की समस्या दूर नहीं हुई तो ATM सेवाओं पर असर पड़ सकता है. हालांकि RBI ने भरोसा दिलाया है कि ग्राहकों को नकदी की कमी नहीं होने दी जाएगी.

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