Auto Retail Sales: भारतीय ऑटो रिटेल इंडस्ट्री के लिए अगस्त का महीना शानदार रहा. फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (FADA) की ओर से सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में देशभर में कुल 24,23,201 वाहनों की खुदरा बिक्री हुई. यह पिछले साल अगस्त के मुकाबले 17.51 प्रतिशत ज्यादा है. खास बात यह है कि दोपहिया, यात्री वाहन, कमर्शियल वाहन, ट्रैक्टर और तीन-पहिया समेत लगभग सभी प्रमुख कैटेगरी ने अगस्त में बिक्री का नया रिकॉर्ड बनाया.
अगस्त में ऑटो बिक्री ने पकड़ी रफ्तार
FADA के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में सबसे ज्यादा वृद्धि व्हील्ड कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट की बिक्री में दर्ज की गई. इसकी बिक्री सालाना आधार पर 31.45 प्रतिशत बढ़ी. इसके बाद दोपहिया वाहनों की बिक्री में 19.69 प्रतिशत, यात्री वाहनों में 16.14 प्रतिशत और वाणिज्यिक वाहनों में 14.45 प्रतिशत की वृद्धि हुई. वहीं, तीन-पहिया वाहनों की खुदरा बिक्री में 8.64 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई. ट्रैक्टरों की बिक्री लगभग स्थिर रही और इसमें सिर्फ 0.84 प्रतिशत की मामूली वृद्धि हुई.
जुलाई के मुकाबले अगस्त में बिक्री घटी
हालांकि अगस्त में सालाना आधार पर ऑटो बिक्री में मजबूत बढ़ोतरी देखने को मिली, लेकिन जुलाई के रिकॉर्ड स्तर की तुलना में खुदरा बिक्री 6.48 प्रतिशत कम रही. FADA के अध्यक्ष साई गिरिधर के मुताबिक, इसका एक कारण मानसून के दौरान आने वाली सामान्य मौसमी सुस्ती है. इसके अलावा इस साल त्योहारों के कैलेंडर में बदलाव का भी असर बिक्री पर पड़ा. गणेश चतुर्थी और ओणम से जुड़ी खरीदारी का एक हिस्सा सितंबर में शिफ्ट हो गया, जिससे अगस्त की बिक्री पर कुछ दबाव आया.
दोपहिया वाहनों की बिक्री ने तोड़े पुराने रिकॉर्ड
अगस्त में दोपहिया वाहनों की खुदरा बिक्री 17,14,610 यूनिट रही. पिछले साल अगस्त के मुकाबले इसमें 19.69 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. यह अगस्त महीने में दोपहिया वाहनों की अब तक की सबसे अधिक खुदरा बिक्री है. दोपहिया सेगमेंट में इतनी मजबूत बिक्री से संकेत मिलता है कि बाजार में ग्राहकों की मांग बनी हुई है और त्योहारी सीजन के दौरान इसमें और तेजी देखने को मिल सकती है.
पहली बार अगस्त में 4 लाख के पार पहुंची यात्री वाहन बिक्री
यात्री वाहनों की बिक्री भी अगस्त में नए रिकॉर्ड पर पहुंच गई. इस दौरान 4,02,398 यूनिट यात्री वाहनों की खुदरा बिक्री हुई, जो पिछले साल अगस्त के मुकाबले 16.14 प्रतिशत ज्यादा है. खास बात यह है कि अगस्त में पहली बार यात्री वाहनों की बिक्री ने 4 लाख यूनिट का आंकड़ा पार किया. हालांकि, जुलाई के मुकाबले इसमें 3.40 प्रतिशत की मासिक गिरावट दर्ज की गई.
कमर्शियल वाहनों की बिक्री में 14.45% की बढ़ोतरी
वाणिज्यिक वाहनों की खुदरा बिक्री अगस्त में 90,769 यूनिट रही. सालाना आधार पर इसमें 14.45% की वृद्धि हुई और यह अगस्त महीने का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है. हालांकि, महीने-दर-महीने आधार पर कमर्शियल वाहनों की बिक्री 8.93 प्रतिशत घट गई. FADA के मुताबिक, मौसमी माल ढुलाई में आई सुस्ती इसका एक कारण रही.
तीन-पहिया वाहनों की बिक्री भी रिकॉर्ड स्तर पर
तीन-पहिया वाहनों की अगस्त में 1,22,281 यूनिट बिक्री हुई. पिछले साल के मुकाबले इसमें 8.64 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. यह भी अगस्त महीने में तीन-पहिया वाहनों की अब तक की सबसे अधिक खुदरा बिक्री है. इस सेगमेंट में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी खास तौर पर उल्लेखनीय रही. अगस्त में तीन-पहिया वाहनों की बिक्री में ईवी की हिस्सेदारी 65.30 प्रतिशत रही.
सितंबर में त्योहारी सीजन से डीलरों को बड़ी उम्मीद
ऑटो डीलरों का सितंबर को लेकर रुख अभी भी सकारात्मक बना हुआ है, हालांकि जुलाई के रिकॉर्ड स्तर की तुलना में उम्मीदों में कुछ नरमी आई है. अब डीलरों की नजर देश के प्रमुख त्योहारी सीजन पर है. गणेश चतुर्थी और ओणम से जुड़ी खरीदारी का जो हिस्सा अगस्त से सितंबर में आया है, उसके अलावा नवरात्रि की शुरुआत भी ऑटो सेक्टर के लिए अहम रहने वाली है. FADA के अनुसार, करीब 43.59 प्रतिशत डीलरों ने बताया कि त्योहारी सीजन के लिए बुकिंग का पाइपलाइन पहले से बनना शुरू हो गया है.
ग्रामीण मांग और बढ़ती कीमतें बनी चिंता
ऑटो डीलरों के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं. मानसून की कमी बढ़ने से ग्रामीण इलाकों से आने वाली मांग संबंधी पूछताछ प्रभावित होने की चिंता बनी हुई है. ग्रामीण बाजार ऑटो बिक्री के लिए महत्वपूर्ण है, इसलिए बारिश की स्थिति का असर आने वाले महीनों की मांग पर पड़ सकता है. इसके अलावा 1 सितंबर से वाहन निर्माताओं (OEMs) की नई कीमतें लागू होने के बाद कीमतों में बढ़ोतरी भी डीलरों के लिए चुनौती बनी हुई है. ऐसे में अब त्योहारी सीजन की मांग यह तय करने में अहम भूमिका निभाएगी कि ऑटो रिटेल बाजार अपनी रिकॉर्ड रफ्तार को आगे भी कायम रख पाता है या नहीं.
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