Job Market India: भारत में व्हाइट-कॉलर नौकरियों के बाजार में अगस्त के दौरान अच्छी तेजी देखने को मिली है. सालाना आधार पर भर्ती में 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई. इस ग्रोथ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) से जुड़ी नौकरियों की बड़ी भूमिका रही, जहां भर्ती में 31 प्रतिशत का इजाफा हुआ. मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई.
नौकरी डॉट कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल त्योहारी सीजन की शुरुआत पिछले साल की तुलना में देर से होने के बावजूद अगस्त में हायरिंग में बढ़ोतरी दर्ज की गई. नौकरी जॉबस्पीक इंडेक्स अगस्त में बढ़कर 3,028 पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 2,664 था.
ऑटो सेक्टर में 19% बढ़ी भर्ती
अगस्त में ऑटो सेक्टर व्हाइट-कॉलर हायरिंग के मामले में सबसे आगे रहा. इस क्षेत्र में सालाना आधार पर भर्ती 19% बढ़ी. इसके बाद हेल्थकेयर में 16 प्रतिशत और रिटेल सेक्टर में 15% की वृद्धि दर्ज की गई. अन्य प्रमुख सेक्टरों की बात करें तो इंश्योरेंस में भर्ती 12% बढ़ी. आईटी सेक्टर में 11%, जबकि बैंकिंग और एफएमसीजी में 10-10% की वृद्धि हुई. बीपीओ/आईटीईएस, ऑयल एंड गैस और रियल एस्टेट में भर्ती 8-8%बढ़ी. वहीं, फार्मा और बायोटेक सेक्टर में भर्ती में कोई खास बदलाव नहीं हुआ. हॉस्पिटैलिटी और ट्रैवल सेक्टर में हायरिंग 4 प्रतिशत घटी, जबकि एजुकेशन सेक्टर में 8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई.
फ्रेशर्स के लिए भी बढ़े मौके
रिपोर्ट में अनुभव के आधार पर भर्ती के आंकड़े भी सामने आए हैं. फ्रेशर्स की भर्ती में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई. वहीं, 4 से 7 साल का अनुभव रखने वाले प्रोफेशनल्स की भर्ती 10% बढ़ी. मिड-टू-सीनियर लेवल के प्रोफेशनल्स के लिए भी हायरिंग में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई. 8 से 12 साल के अनुभव वाले लोगों की भर्ती में 16% , 13 से 16 साल के अनुभव वाले प्रोफेशनल्स की भर्ती में 18% और 16 साल से अधिक अनुभव वाले प्रोफेशनल्स की भर्ती में 13% की वृद्धि हुई.
त्योहारी सीजन का भी दिखा असर
इन्फो एज (इंडिया) लिमिटेड के एमडी एवं सीईओ हितेश ओबेरॉय ने कहा, “इस वृद्धि को त्योहारी कैलेंडर के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। पिछले साल त्योहारी अवधि का बड़ा हिस्सा अगस्त में था, जबकि इस साल यह सितंबर में शिफ्ट हो गया है।”
हेल्थकेयर और मीडिया से जुड़े रोल्स में तेज बढ़ोतरी
काम की भूमिका के हिसाब से भी अगस्त में कई क्षेत्रों में भर्ती तेजी से बढ़ी. हेल्थकेयर एवं लाइफ साइंसेज में हायरिंग 34% बढ़ी. मीडिया प्रोडक्शन एवं एंटरटेनमेंट में 33%, इंजीनियरिंग-हार्डवेयर एवं नेटवर्क्स में 30 प्रतिशत और बीएफएसआई, इन्वेस्टमेंट एवं ट्रेडिंग से जुड़े पदों में 29% की वृद्धि दर्ज की गई.
हैदराबाद में सबसे ज्यादा भर्ती वृद्धि
मेट्रो शहरों में हैदराबाद 23% की सालाना वृद्धि के साथ भर्ती के मामले में सबसे आगे रहा. कोलकाता में 22% और चेन्नई में 20% की वृद्धि दर्ज की गई. इसके अलावा बेंगलुरु और पुणे में भर्ती 14-14% बढ़ी. दिल्ली-एनसीआर में 10% और मुंबई में 7% की वृद्धि दर्ज की गई. उभरते शहरों में भुवनेश्वर ने 32% की वृद्धि दर्ज की, जबकि रायपुर में भर्ती 23% बढ़ी. सूरत और रांची में भी हायरिंग में मजबूत बढ़ोतरी देखने को मिली.
IT और सॉफ्टवेयर सर्विसेज में 11% की वृद्धि
अगस्त में आईटी और सॉफ्टवेयर सर्विसेज सेक्टर में भर्ती सालाना आधार पर 11% बढ़ी. प्रमुख मेट्रो शहरों में भी आईटी हायरिंग में तेजी देखने को मिली. कोलकाता में आईटी से जुड़ी भर्ती 33 प्रतिशत बढ़ी, जबकि हैदराबाद में इसमें 23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई.आईटी सेक्टर के भीतर AI/ML से जुड़ी भर्ती 22 प्रतिशत बढ़ी. वहीं, आईटी एवं इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी से संबंधित पदों की मांग में 32% का इजाफा हुआ.
यह विशेष तकनीकी कौशल रखने वाले प्रोफेशनल्स की मांग में मजबूती को दर्शाता है. ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर यानी GCC में अगस्त के दौरान भर्ती 10% बढ़ी. दक्षिण भारत के टेक्नोलॉजी हब में हायरिंग की रफ्तार सबसे मजबूत रही. हैदराबाद में GCC से जुड़ी भर्ती 28 प्रतिशत बढ़ी, जबकि चेन्नई में 21% की वृद्धि दर्ज की गई.
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