Auto Sales July 2026: भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए जुलाई का महीना शानदार शुरुआत लेकर आया है. महीने के पहले 23 दिनों में ही सभी प्रमुख वाहन श्रेणियों में रिटेल बिक्री में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई है. दोपहिया वाहन, पैसेंजर व्हीकल, कमर्शियल व्हीकल, तीनपहिया और ट्रैक्टर जैसे सभी सेगमेंट में सालाना आधार पर बिक्री बढ़ी है. उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर उपभोक्ता मांग, नए मॉडलों की लॉन्चिंग, इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती लोकप्रियता और ब्याज दरों में नरमी के कारण आने वाले महीनों में भी ऑटो सेक्टर की रफ्तार बनी रह सकती है.
23 जुलाई तक ऑटो बिक्री में 28.6% की बढ़ोतरी
चॉइस इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट के मुताबिक, 1 से 23 जुलाई 2026 के दौरान भारत की कुल ऑटोमोबाइल रिटेल बिक्री में 28.6 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की गई है. रिपोर्ट के अनुसार, लगभग सभी प्रमुख वाहन श्रेणियों में मजबूत मांग देखने को मिली.
दोपहिया वाहनों की बिक्री में सबसे ज्यादा तेजी
रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई के पहले 23 दिनों में दोपहिया वाहनों की रिटेल बिक्री में 31 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई. वहीं, एसयूवी और पैसेंजर कारों की मजबूत मांग के चलते यात्री वाहन (Passenger Vehicles) सेगमेंट की बिक्री में 20.6 प्रतिशत का इजाफा हुआ. रिपोर्ट के मुताबिक, वाणिज्यिक (Commercial) वाहनों की बिक्री में 27.3 प्रतिशत और तीनपहिया वाहनों की बिक्री में 18.1 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की गई. सबसे बेहतर प्रदर्शन ट्रैक्टर सेगमेंट ने किया, जहां बिक्री में 36.8 प्रतिशत की मजबूत बढ़ोतरी देखने को मिली.
इन वजहों से बढ़ रही है ऑटो सेक्टर की मांग
रिपोर्ट में कहा गया है कि जुलाई 2026 में ऑटो उद्योग के मजबूत प्रदर्शन के पीछे कई प्रमुख कारण हैं. इनमें जुलाई 2025 का कम बेस, उपभोक्ता भावना में स्थिरता, हाल ही में लॉन्च हुए नए वाहन मॉडल, इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाया जाना, ब्याज दरों में नरमी और जीएसटी कटौती के बाद बढ़ी खरीद क्षमता शामिल है. इन सभी कारकों का सकारात्मक असर वाहन बिक्री पर साफ दिखाई दे रहा है.
आने वाले महीनों में भी मजबूत रह सकती है बिक्री
रिपोर्ट के अनुसार, ऑटो उद्योग के लिए आने वाले महीनों का आउटलुक भी सकारात्मक बना हुआ है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगस्त और सितंबर 2026 में पिछले वर्ष का कम बेस, वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के दूसरे हिस्से में शुरू होने वाला त्योहारी सीजन और मजबूत उपभोक्ता मांग बिक्री को और गति दे सकती है. रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि ऐतिहासिक रूप से जुलाई महीने के अंतिम आठ दिनों में पूरे महीने की कुल बिक्री का लगभग 25 से 28 प्रतिशत हिस्सा दर्ज होता है. ऐसे में जुलाई के अंत तक बिक्री के आंकड़े और बेहतर रहने की संभावना जताई गई है.
ऑटो सेक्टर में बढ़ेगा निवेश
एक अन्य हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत के ऑटो और ऑटो एंसिलरी सेक्टर का परिचालन राजस्व वित्त वर्ष 2026-27 में करीब 8 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है. ब्रिकवर्क रेटिंग्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह उद्योग अब एक नए निवेश चक्र में प्रवेश कर रहा है. वित्त वर्ष 2026-27 से 2028-29 के बीच करीब 70,300 करोड़ रुपये की नई परियोजनाएं शुरू होने की संभावना है. रिपोर्ट में बताया गया कि इस निवेश को 4.76 लाख करोड़ रुपये की 184 परियोजनाओं की पाइपलाइन और पहले से क्रियान्वयन के चरण में मौजूद 70 परियोजनाओं का समर्थन प्राप्त है.
PLI और FAME III योजनाओं से मिलेगी रफ्तार
रिपोर्ट के अनुसार, ऑटो सेक्टर में निवेश की यह तेजी प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना, FAME III प्रोत्साहनों तथा ओईएम (OEM) कंपनियों और टियर-1 सप्लायरों द्वारा क्षमता विस्तार की योजनाओं के कारण बनी हुई है. उद्योग को उम्मीद है कि इन पहलों से आने वाले वर्षों में उत्पादन, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.
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