New Delhi: अब ग्राहकों को मोबाइल सिम की तरह बैंक अकाउंट पोर्ट करने की सुविधा भी मिल सकती है. इस व्यवस्था से ग्राहक जरूरत पड़ने पर दूसरे बैंक में शिफ्ट कर सकेंगे. हालाँकि अकाउंट नंबर वही रहेगा, लेकिन बैंक बदलने के साथ नया IFSC कोड लागू हो सकता है, क्योंकि वह शाखा से जुड़ा होता है. बैंक बदलने पर भी ग्राहक को 16 अंकों का नया अकाउंट नंबर लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी. यह सुधार बैंकिंग इतिहास में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है.
एक से दूसरे बैंक में कर सकेंगे पोर्ट
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) अपने ‘पेमेंट्स विजन 2028’ के तहत ऐसा सिस्टम लाने की तैयारी में है, जिससे ग्राहक आसानी से अपना बैंक अकाउंट एक बैंक से दूसरे बैंक में पोर्ट कर सकेंगे. इसके लिए एक केंद्रीय सिस्टम विकसित किया जा रहा है, जिसके जरिए ग्राहक अपने सभी ऑटो-पेमेंट, बिल, EMI और अन्य स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन को बिना किसी परेशानी के नए बैंक में ट्रांसफर कर सकेंगे.
बैंक अकाउंट बदलना ग्राहकों के लिए मुश्किल
मौजूदा समय में बैंक अकाउंट बदलना ग्राहकों के लिए मुश्किल भरा काम होता है, क्योंकि खाते से कई तरह के ऑटोमैटिक पेमेंट जुड़े होते हैं. इसी समस्या को हल करने के लिए RBI ‘पेमेंट्स स्विचिंग सर्विस’ पर काम कर रहा है. नए प्लेटफॉर्म के तहत ग्राहकों को एक ऐसा सिस्टम मिलेगा, जहां उनकी सभी पेमेंट से जुड़ी जानकारी एक ही जगह उपलब्ध होगी. इससे वे अपने आने-जाने वाले सभी लेन-देन को आसानी से देख सकेंगे और जरूरत पड़ने पर दूसरे बैंक में शिफ्ट कर सकेंगे.
किसी एक बैंक पर निर्भरता कम
इस व्यवस्था से ग्राहकों की किसी एक बैंक पर निर्भरता कम होगी और बैंकिंग सेवाओं में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी. इसके अलावा RBI विदेशी लेन-देन को भी तेज और सस्ता बनाने की दिशा में काम कर रहा है. इसके लिए पूरे सिस्टम की समीक्षा की जाएगी, ताकि तकनीकी और नियामकीय बाधाओं को दूर किया जा सके. यह पहल G20 के वैश्विक मानकों के अनुरूप होगी.
नए फिनटेक खिलाड़ियों को मौका देना मकसद
इस बदलाव का मकसद नए फिनटेक खिलाड़ियों को मौका देना, इनोवेशन को बढ़ावा देना और अंतरराष्ट्रीय ट्रांजेक्शन को सरल बनाना है. भारत पहले ही कई देशों के साथ फास्ट पेमेंट सिस्टम को जोड़ने की दिशा में कदम बढ़ा चुका है.
इसे भी पढ़ें. इस्राइल का दावा: ईरान के 4000 ठिकानों पर गिराए 16000 बम, 2000 सैनिक ढेर, नेतान्याहू ने दी खुली धमकी

