Credit Card: देश में खर्च करने और उधार लेने का तरीका तेजी से बदल रहा है. एक समय था जब क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल मुख्य रूप से बड़े शहरों और अच्छी कमाई करने वाले नौकरीपेशा लोगों तक सीमित माना जाता था. लेकिन अब तस्वीर बदल चुकी है. Gen Z तेजी से क्रेडिट कार्ड की दुनिया में कदम रख रही है और इसमें सिर्फ महानगरों के युवा ही नहीं, बल्कि छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों के ग्राहक भी शामिल हैं.
युवाओं के बीच बढ़ता क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल जहां डिजिटल फाइनेंस की बढ़ती पहुंच को दिखाता है, वहीं बकाया रकम के आंकड़े चिंता भी बढ़ा रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, पहला क्रेडिट कार्ड मिलने के महज तीन महीने के भीतर ही करीब 28 प्रतिशत Gen Z ग्राहकों पर 25 हजार रुपये से ज्यादा का बकाया हो गया. इतना ही नहीं, पहला कार्ड मिलने के एक साल के भीतर बड़ी संख्या में युवा दूसरा क्रेडिट प्रोडक्ट भी ले रहे हैं.
3 महीने में ही 25 हजार रुपये से ज्यादा का बकाया
रिपोर्ट के मुताबिक, आज के युवा पिछली पीढ़ियों के मुकाबले ज्यादा तेजी से क्रेडिट कार्ड और दूसरे लोन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं. इसका अंदाजा इसी आंकड़े से लगाया जा सकता है कि पहला क्रेडिट कार्ड मिलने के केवल तीन महीने के भीतर करीब 28 प्रतिशत Gen Z ग्राहकों का बकाया 25 हजार रुपये के पार पहुंच गया. यह आंकड़ा इसलिए अहम है क्योंकि क्रेडिट कार्ड मिलने के शुरुआती महीनों में ही बड़ी संख्या में युवा अपनी उपलब्ध क्रेडिट लिमिट का इस्तेमाल करना शुरू कर रहे हैं. शॉपिंग और रोजमर्रा के खर्चों के साथ EMI तथा दूसरे क्रेडिट विकल्पों का उपयोग भी बढ़ा है.
एक साल के भीतर दूसरा क्रेडिट प्रोडक्ट ले रहे युवा
Gen Z का रुझान केवल एक क्रेडिट कार्ड तक सीमित नहीं दिखाई दे रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, करीब 69 प्रतिशत Gen Z ग्राहकों ने पहला क्रेडिट कार्ड मिलने के एक साल के भीतर ही दूसरा क्रेडिट प्रोडक्ट ले लिया. इससे पता चलता है कि युवा ग्राहक बहुत कम समय में क्रेडिट के अलग-अलग विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं. वे सिर्फ खरीदारी के लिए कार्ड का इस्तेमाल नहीं कर रहे, बल्कि EMI और दूसरे क्रेडिट प्रोडक्ट्स को भी तेजी से अपना रहे हैं.
पहली बार क्रेडिट कार्ड लेने वालों में युवाओं की बड़ी हिस्सेदारी
मार्च 2026 तक के आंकड़ों में पहली बार क्रेडिट कार्ड लेने वाले ग्राहकों के बीच युवाओं की मजबूत मौजूदगी सामने आई है. रिपोर्ट के मुताबिक, पहली बार कार्ड लेने वाले कुल ग्राहकों में 50 प्रतिशत की उम्र 30 साल से कम थी. यानी नए क्रेडिट कार्ड ग्राहकों में हर दो में से एक ग्राहक 30 साल से कम उम्र का रहा. यह आंकड़ा दिखाता है कि नई पीढ़ी बहुत कम उम्र में औपचारिक क्रेडिट सिस्टम से जुड़ रही है.
ग्रामीण इलाकों में भी तेजी से बढ़ी क्रेडिट कार्ड की पहुंच
क्रेडिट कार्ड को लंबे समय तक बड़े शहरों और शहरी ग्राहकों से जोड़कर देखा जाता रहा है, लेकिन अब यह धारणा भी बदलती नजर आ रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, पहली बार क्रेडिट कार्ड लेने वाले ग्राहकों में 46 प्रतिशत ग्रामीण इलाकों से हैं. इसका मतलब है कि क्रेडिट कार्ड की पहुंच अब महानगरों तक सीमित नहीं रही. छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग तेजी से कार्ड आधारित भुगतान और क्रेडिट सुविधाओं को अपना रहे हैं.
5.2 करोड़ तक पहुंची क्रेडिट कार्ड रखने वालों की संख्या
देश में क्रेडिट कार्ड का दायरा लगातार बढ़ रहा है. मार्च 2026 में क्रेडिट कार्ड रखने वाले लोगों की संख्या 5.2 करोड़ तक पहुंच गई. यह बढ़ोतरी बताती है कि बड़ी संख्या में नए ग्राहक क्रेडिट कार्ड बाजार से जुड़ रहे हैं. इसी अवधि में इस्तेमाल किए जा रहे एक्टिव क्रेडिट कार्ड की संख्या बढ़कर 10.7 करोड़ तक पहुंच गई. रिपोर्ट के मुताबिक, यह संख्या लगभग पांच गुना हो चुकी है. यानी एक तरफ नए ग्राहक तेजी से कार्ड ले रहे हैं, वहीं कई उपभोक्ताओं के पास एक से ज्यादा क्रेडिट कार्ड भी हो सकते हैं.
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