Flexible Workspace: भारत के प्रमुख शहरों में फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस की मांग तेजी से बढ़ रही है. 2026 की पहली छमाही में देश के शीर्ष आठ शहरों में फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस ऑपरेटरों ने 1,91,306 सीटें लीज पर दीं. यह पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 68.4 प्रतिशत अधिक है.
इस दौरान ऑफिस मार्केट में फ्लेक्स ऑपरेटरों की हिस्सेदारी भी मजबूत हुई है. कुशमैन एंड वेकफील्ड की गुरुवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी से जून 2026 के बीच फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस ऑपरेटरों ने 8.4 मिलियन वर्ग फुट (एमएसएफ) का ग्रॉस लीजिंग वॉल्यूम (जीएलवी) दर्ज किया. यह इस सेगमेंट का अब तक का सबसे ऊंचा छमाही स्तर है और सालाना आधार पर इसमें 55 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है.
कुल ऑफिस लीजिंग में करीब 20 प्रतिशत हिस्सेदारी
रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की पहली छमाही में करीब 43 एमएसएफ की कुल ऑफिस लीजिंग गतिविधि में फ्लेक्स ऑपरेटरों की हिस्सेदारी लगभग 20 प्रतिशत रही. 2025 की पहली छमाही की तुलना में इस हिस्सेदारी में 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई. फ्लेक्स वर्कस्पेस की मांग बढ़ने के पीछे एंटरप्राइजेज, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) और अधिक लचीले वर्कस्पेस की तलाश कर रही कंपनियों की लगातार जरूरत प्रमुख वजह रही.
GCC से लगातार मिल रही मजबूत मांग
GCC फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस सेगमेंट के लिए मांग का एक प्रमुख स्रोत बने हुए हैं. कुल सीट लीजिंग में GCC की हिस्सेदारी 44 प्रतिशत रही, जो 2025 में 37 प्रतिशत थी. इससे साफ है कि कंपनियों और GCC की ओर से ऐसे ऑफिस स्पेस की मांग बढ़ रही है, जिन्हें जरूरत के अनुसार इस्तेमाल किया जा सके और जो आधुनिक कार्यस्थल की जरूरतों को पूरा करते हों.
बेंगलुरु सबसे बड़ा फ्लेक्स मार्केट
बेंगलुरु ने देश के सबसे बड़े फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस मार्केट के रूप में अपनी स्थिति बरकरार रखी है. 2026 की पहली छमाही में यहां 57,487 सीटें लीज पर दी गईं, जो कुल सीट लीजिंग का 30 प्रतिशत है. बेंगलुरु में सीट लीजिंग में सालाना आधार पर 31.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. हैदराबाद 40,451 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रहा. यहां सीट लीजिंग में सालाना आधार पर 170.8 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी हुई. टेक्नोलॉजी कंपनियों और GCC की लगातार मांग को इस वृद्धि का प्रमुख सहारा मिला.
मुंबई और दिल्ली-NCR में भी तेज बढ़ोतरी
मुंबई और दिल्ली-NCR में भी फ्लेक्स वर्कस्पेस की मांग में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई. इन दोनों बाजारों में लीजिंग वॉल्यूम क्रमशः 130 प्रतिशत और 152.7 प्रतिशत बढ़ा. वहीं, पुणे में सीटों की मांग सालाना आधार पर 27.8 प्रतिशत बढ़ी, जबकि चेन्नई में 3.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. अहमदाबाद में फ्लेक्स सीट लीजिंग में सबसे तेज वृद्धि देखने को मिली. हालांकि यहां आधार अपेक्षाकृत छोटा था, लेकिन इसके बावजूद सीट लीजिंग में सालाना आधार पर 570.3 प्रतिशत की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज हुई.
कंपनियां अब ज्यादा कस्टमाइज्ड वर्कस्पेस चाहती हैं
कुशमैन एंड वेकफील्ड की एग्जीक्यूटिव मैनेजिंग डायरेक्टर, बेंगलुरु और हेड-फ्लेक्स, इंडिया रमीता अरोड़ा ने कहा कि आज कारोबार तेजी से ऐसे वर्कप्लेस की तलाश कर रहे हैं, जो उनकी जरूरतों के मुताबिक कस्टमाइज्ड हों और बेहतर अनुभव प्रदान करें. उनके अनुसार, फ्लेक्स ऑपरेटर ऐसे विशेष वर्कस्पेस तैयार कर रहे हैं, जो वैश्विक ऑफिस मानकों, ब्रांड पहचान और कार्यस्थल संस्कृति के अनुरूप हों. टेक्नोलॉजी आधारित वर्कप्लेस अनुभव, वेलनेस-केंद्रित डिजाइन और सस्टेनेबिलिटी को ध्यान में रखकर तैयार किए गए समाधान एंटरप्राइजेज और GCC दोनों के बीच फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस की लोकप्रियता बढ़ा रहे हैं.
सूचीबद्ध ऑपरेटरों की बढ़ती मौजूदगी से बढ़ा भरोसा
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सूचीबद्ध फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस ऑपरेटरों की बढ़ती मौजूदगी से बाजार में पारदर्शिता और बेहतर गवर्नेंस मानकों को बढ़ावा मिल रहा है. इससे कारोबारों के बीच इस सेगमेंट को लेकर भरोसा भी मजबूत हो रहा है और भारत का फ्लेक्स वर्कस्पेस मार्केट लगातार परिपक्व हो रहा है.

