Global IT Spending: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) दुनिया भर में टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री की दिशा बदल रहा है. AI आधारित सेवाओं की बढ़ती मांग के बीच कंपनियां डेटा सेंटर, क्लाउड प्लेटफॉर्म और AI-सक्षम सॉफ्टवेयर पर रिकॉर्ड निवेश कर रही हैं. इसी का असर वैश्विक सूचना प्रौद्योगिकी (IT) बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है. Gartner की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2026 में वैश्विक IT खर्च बढ़कर 6.37 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है. यह 2025 की तुलना में 14.2 प्रतिशत अधिक होगा.
AI इंफ्रास्ट्रक्चर और क्लाउड पर सबसे ज्यादा रहेगा फोकस
रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले समय में सबसे तेज बढ़ोतरी डेटा सेंटर सिस्टम और इंफ्रास्ट्रक्चर ऐज ए सर्विस (IaaS) सेगमेंट में देखने को मिलेगी. इसकी मुख्य वजह AI इंफ्रास्ट्रक्चर और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग की बढ़ती जरूरत है. कंपनियां तेजी से अपनी कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ाने के लिए नए डेटा सेंटर स्थापित कर रही हैं और मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार भी कर रही हैं.
डेटा सेंटर पर खर्च में 62.5% की बढ़ोतरी का अनुमान
Gartner का अनुमान है कि डेटा सेंटर सिस्टम पर होने वाला खर्च 2025 के 506 अरब डॉलर से बढ़कर 2026 में 822 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा. यानी इस क्षेत्र में 62.5 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की जा सकती है. वहीं, इंफ्रास्ट्रक्चर ऐज ए सर्विस पर खर्च 29.3 प्रतिशत बढ़कर 287 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है. इसके अलावा, सॉफ्टवेयर पर खर्च 15.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1.47 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है.
अन्य IT क्षेत्रों में भी बढ़ेगा निवेश
रिपोर्ट के अनुसार, डिवाइस पर खर्च करीब 10 प्रतिशत बढ़कर 868 अरब डॉलर रहने का अनुमान है. वहीं, IT सेवाओं पर खर्च लगभग 5 प्रतिशत बढ़कर 1.57 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है, जबकि कम्युनिकेशन सेवाओं पर खर्च 4.4 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1.35 ट्रिलियन डॉलर रहने का अनुमान जताया गया है.
Gartner ने AI को बताया इतिहास की सबसे बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना
गार्टनर के वीपी एनालिस्ट जॉन-डेविड लवलॉक ने कहा, “एआई के लिए आवश्यक कंप्यूट क्षमता तैयार करना मानव इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना है। एआई वर्कलोड और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग की बढ़ती मांग के चलते हाइपरस्केलर कंपनियां और बड़े उद्यम अगली पीढ़ी के डेटा सेंटरों की क्षमता का तेजी से विस्तार कर रहे हैं।”
चुनौतियां अब भी बनी हुई हैं
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि AI निवेश बढ़ने के बावजूद टेक्नोलॉजी कंपनियों के बजट पर कई तरह के दबाव बने हुए हैं. महंगाई, सेमीकंडक्टर और मेमोरी की आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियां, हार्डवेयर की बढ़ती लागत और कंपनियों की बदलती कारोबारी प्राथमिकताएं आने वाले समय में IT सेक्टर के खर्च को प्रभावित कर सकती हैं.
AI बाजार के विस्तार को लेकर बढ़ा भरोसा
रिपोर्ट के अनुसार, कंपनियों का भरोसा अब AI आधारित तकनीकों पर पहले से अधिक मजबूत हुआ है. अतिरिक्त IT निवेश का बड़ा हिस्सा AI इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लाउड सेवाओं और सॉफ्टवेयर पर केंद्रित रहेगा, जबकि पारंपरिक तकनीकी क्षेत्रों में अपेक्षाकृत धीमी वृद्धि देखने को मिल सकती है.
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एंटरप्राइज AI को बड़े पैमाने पर अपनाने के लिए कंपनियां AI-अनुकूलित सर्वर, क्लाउड प्लेटफॉर्म और AI-रेडी सॉफ्टवेयर में तेजी से निवेश कर रही हैं. यही वजह है कि AI इंफ्रास्ट्रक्चर और सॉफ्टवेयर वैश्विक IT खर्च के सबसे तेजी से बढ़ने वाले क्षेत्र बनकर उभर रहे हैं.
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