Engineering Exports: जून में भारत का इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट 21% बढ़ा, अमेरिका-चीन समेत कई देशों से बढ़ी मांग

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Engineering Exports: वैश्विक व्यापार में जारी चुनौतियों के बावजूद भारत के इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट ने जून 2026 में शानदार प्रदर्शन किया है. मजबूत विदेशी मांग के दम पर देश का इंजीनियरिंग गुड्स एक्सपोर्ट सालाना आधार पर 21 प्रतिशत बढ़कर 11.48 अरब डॉलर पहुंच गया. अमेरिका, जर्मनी, चीन, सिंगापुर और ओमान जैसे प्रमुख बाजारों से बढ़ी मांग ने इस तेजी को गति दी. खास बात यह रही कि ओमान को भारत का इंजीनियरिंग निर्यात पांच गुना से भी अधिक बढ़ गया, जिससे पश्चिम एशिया क्षेत्र में भारत की स्थिति और मजबूत हुई.

जून में 11.48 अरब डॉलर पहुंचा इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट

सोमवार को जारी ईईपीसी इंडिया के बयान के अनुसार, जून 2026 में भारत का इंजीनियरिंग गुड्स एक्सपोर्ट 11.48 अरब डॉलर रहा, जबकि पिछले साल जून में यह 9.51 अरब डॉलर था. यानी एक साल में इसमें 21 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई.

अमेरिका बना सबसे बड़ा निर्यात बाजार

जून के दौरान अमेरिका भारत के इंजीनियरिंग उत्पादों का सबसे बड़ा निर्यात बाजार बना रहा. इस अवधि में अमेरिका को 1.95 अरब डॉलर के इंजीनियरिंग उत्पादों का निर्यात किया गया. वहीं, चीन को होने वाला निर्यात भी उल्लेखनीय रूप से बढ़ा. जून में चीन को इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट 74 प्रतिशत बढ़कर 361.47 मिलियन डॉलर पर पहुंच गया.

ओमान को निर्यात में पांच गुना से ज्यादा उछाल

ईईपीसी इंडिया के मुताबिक, जून में ओमान को भारत का इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट सालाना आधार पर पांच गुना से अधिक बढ़कर 258.97 मिलियन डॉलर हो गया. बयान में कहा गया कि भारत-ओमान मुक्त व्यापार समझौता (FTA) लागू होने के बाद निर्यात में आई इस तेजी ने पश्चिम एशिया और उत्तरी अफ्रीका (WANA) क्षेत्र में भारत के कुल इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट को सकारात्मक बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई. हालांकि, यूएई और सऊदी अरब जैसे कुछ पश्चिम एशियाई देशों को होने वाले निर्यात में इस दौरान गिरावट दर्ज की गई.

EEPC India ने क्या कहा?

ईईपीसी इंडिया के चेयरमैन पंकज चड्ढा ने कहा, “इंजीनियरिंग गुड्स सेक्टर ने बदले हुए वैश्विक व्यापारिक माहौल के अनुरूप खुद को ढाल लिया है और शानदार मजबूती दिखाई है. हालांकि, इंजीनियरिंग उद्योग को उभरती चुनौतियों के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है.”उन्होंने आगे कहा, “पश्चिम एशिया और मिडिल ईस्ट संकट के कारण पैदा हुई वैश्विक अनिश्चितता और व्यापारिक व्यवधानों के बावजूद इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट सेक्टर ने शानदार मजबूती दिखाई है. चालू वित्त वर्ष के पिछले तीन महीनों में इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट लगातार 10 अरब डॉलर से ऊपर रहा है। इस विकास की गति बनाए रखने के लिए भारत सरकार से लगातार सहयोग की आवश्यकता होगी.”

34 में से 27 इंजीनियरिंग पैनलों में बढ़ा निर्यात

ईईपीसी इंडिया के अनुसार, जून के दौरान 34 इंजीनियरिंग पैनलों में से 27 पैनलों ने सालाना आधार पर निर्यात वृद्धि दर्ज की. हालांकि, लेड और उससे जुड़े उत्पाद, आईसी इंजन, एटीएम के लिए मशीनरी, क्रेन, लिफ्ट और विंच, ऑफिस इक्विपमेंट तथा प्राइम माइका सहित सात पैनलों के निर्यात में नरमी देखने को मिली.

कुल मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट में बढ़ी हिस्सेदारी

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जून 2026 में भारत के कुल मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट में इंजीनियरिंग उत्पादों की हिस्सेदारी 28.4 प्रतिशत रही. वहीं, वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-जून तिमाही में भारत का कुल इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट 34.14 अरब डॉलर रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 28.91 अरब डॉलर था. इस तरह पहली तिमाही में इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट में 18.09 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई.

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