अमेरिकी सीनेट से रूस प्रतिबंध बिल पास होने के बाद भारत के इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट सेक्टर की चिंता बढ़ गई है. बिल में रूस की ऊर्जा के बड़े आयातकों पर 100% तक टैरिफ लगाने का प्रावधान है.
भारत का इंजीनियरिंग गुड्स एक्सपोर्ट जून 2026 में सालाना आधार पर 21% बढ़कर 11.48 अरब डॉलर पहुंच गया. अमेरिका, चीन और ओमान जैसे बाजारों से मजबूत मांग ने निर्यात को नई रफ्तार दी.
भारत के इंजीनियरिंग उत्पादों का निर्यात अप्रैल 2026 में 8.78 प्रतिशत बढ़कर 10.35 अरब डॉलर पहुंच गया. वैश्विक चुनौतियों और पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद अधिकांश क्षेत्रों में निर्यात वृद्धि दर्ज की गई.
भारत-अमेरिका अंतरिम ट्रेड डील का फ्रेमवर्क निर्यात बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा. EEPC के मुताबिक टैरिफ में कमी से 2030 तक 250 बिलियन डॉलर के इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट लक्ष्य को मजबूती मिलेगी.
इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया (EEPC India) ने सोमवार को केंद्र सरकार से आग्रह किया कि अमेरिका के साथ जारी द्विपक्षीय व्यापार वार्ताओं में विभिन्न प्रकार के स्टील और एल्युमिनियम उत्पादों, विशेष रूप से एमएसएमई द्वारा निर्मित प्रोडक्ट्स...