Gold Silver Price Today: 2 दिन में चांदी 20,000 रुपये महंगी, सोना भी रिकॉर्ड स्तर के करीब— जानें आज का ताजा भाव

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Gold Silver Price Today: सोना-चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए पिछले दो दिन बेहद चौंकाने वाले रहे हैं. जिन लोगों को उम्मीद थी कि दाम कुछ नरम पड़ेंगे, उन्हें बाजार ने जोरदार झटका दिया है. कीमतों में आई अचानक तेजी ने बड़े निवेशकों तक को सतर्क कर दिया है. सिर्फ दो कारोबारी दिनों के भीतर चांदी करीब 20,000 रुपये प्रति किलो तक उछल गई है, जबकि सोना भी तेजी से नए उच्च स्तर की ओर बढ़ रहा है.

आई कीमतों की ‘सुनामी’

आंकड़ों पर नजर डालें तो इस बार चांदी की तेजी ने बाजार को चौंका दिया है. इसकी कीमत बढ़कर लगभग 2,45,213 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है. वहीं सोने में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिला है — महज दो दिनों में यह 5,000 रुपये से अधिक महंगा होकर करीब 1,55,761 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है. ज्वैलरी बाजार से लेकर ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म तक हर जगह एक ही सवाल गूंज रहा है कि आखिर यह तेजी कब थमेगी?

कीमतों में आखिर क्यों लगी है आग ?

इस तेजी के पीछे सिर्फ घरेलू कारण नहीं, बल्कि सात समंदर पार की हलचल भी जिम्मेदार है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड संभलकर 5,000 डॉलर प्रति औंस के पास पहुंच गया है, वहीं चांदी 77.91 डॉलर प्रति औंस के करीब है.

दरअसल, एशियाई बाजारों में छुट्टियों की वजह से ट्रेडिंग वॉल्यूम काफी कम था, जिससे लिक्विडिटी की कमी हुई और कीमतों में अचानक बड़े उतार-चढ़ाव देखने को मिले.

इसके साथ ही वैश्विक निवेशकों की निगाहें अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक और महंगाई से जुड़े आंकड़ों पर टिकी हुई हैं. वहां से मिलने वाले संकेतों ने बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना दिया है. कुछ अधिकारी ब्याज दरों को यथावत रखने के पक्ष में हैं, जबकि कुछ भविष्य में कटौती के संकेत दे रहे हैं.

सीधी बात यह है कि जब भी ब्याज दरों को लेकर ऐसी असमंजस की स्थिति बनती है, तो सोना और चांदी जैसी सुरक्षित संपत्तियों की कीमतों में उतार-चढ़ाव तेज हो जाता है.

निवेशकों के लिए क्या है सलाह ?

हालांकि ईरान-अमेरिका के बीच जारी बातचीत से भू-राजनीतिक तनाव थोड़ा कम हुआ है, जिससे उम्मीद थी कि सोने पर दबाव बनेगा, लेकिन बाजार ने इसके उलट मजबूती दिखाई. विशेषज्ञों के अनुसार, ऊंचे स्तरों पर पहुंचने के बाद अल्पकाल में कुछ मुनाफावसूली जरूर देखने को मिल सकती है, लेकिन दीर्घकालिक नजरिए से सोने का ‘बुलिश’ रुझान अभी बरकरार है और इसकी मजबूती पूरी तरह खत्म नहीं हुई है.

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