Gold-Silver Price Today: घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिल रहे मजबूत संकेतों के बीच गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दोनों धातुएं बढ़त के साथ खुलीं और शुरुआती कारोबार में ही कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया. कमजोर होते डॉलर, वैश्विक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों का रुझान एक बार फिर सुरक्षित निवेश यानी सोने और चांदी की ओर मोड़ दिया है, जिसका सीधा असर कीमतों में तेजी के रूप में दिख रहा है.
MCX पर सोने की कीमत: शुरुआती कारोबार में मजबूती
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सुबह करीब 10:30 बजे सोने का 5 जून 2025 का कॉन्ट्रैक्ट 0.24 प्रतिशत यानी 368 रुपए की बढ़त के साथ 1,52,500 रुपए पर ट्रेड करता नजर आया. कारोबार के दौरान सोने ने 1,52,419 रुपए का निचला स्तर और 1,52,887 रुपए का ऊपरी स्तर छुआ, जिससे साफ है कि बाजार में लगातार खरीदारी का दबाव बना हुआ है. विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों की सुरक्षित निवेश की मांग और वैश्विक संकेतों ने सोने को सपोर्ट दिया है, जिससे कीमतें मजबूती के साथ बनी हुई हैं.
चांदी में ज्यादा तेजी: 0.9% से अधिक उछाल
सोने के साथ-साथ चांदी में भी तेज खरीदारी देखने को मिली. MCX पर चांदी के 3 जुलाई 2026 के कॉन्ट्रैक्ट में 0.91 प्रतिशत यानी 2,293 रुपए की जोरदार तेजी आई और यह 2,55,558 रुपए पर ट्रेड करता दिखा. दिन के कारोबार में चांदी ने 2,54,722 रुपए का न्यूनतम और 2,57,055 रुपए का उच्चतम स्तर बनाया, जो यह दर्शाता है कि चांदी में सोने की तुलना में ज्यादा तेज मूवमेंट देखने को मिल रहा है.
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर
घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोना और चांदी मजबूती के साथ कारोबार कर रहे हैं. कॉमेक्स पर सोना 0.21 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,703 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि चांदी 1.12 प्रतिशत की तेजी के साथ 78.17 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करती नजर आई. यह तेजी इस बात का संकेत है कि वैश्विक निवेशक भी सुरक्षित निवेश की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है.
डॉलर इंडेक्स में कमजोरी बना बड़ा कारण
सोने और चांदी की कीमतों में आई इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण डॉलर इंडेक्स में कमजोरी को माना जा रहा है. फिलहाल डॉलर इंडेक्स 98 के नीचे बना हुआ है, जिससे अन्य मुद्राओं के मुकाबले डॉलर कमजोर हुआ है. डॉलर इंडेक्स अमेरिकी डॉलर की स्थिति को यूरो, जापानी येन, पाउंड स्टर्लिंग, कैनेडियन डॉलर, स्वीडिश क्रोना और स्विस फ्रैंक जैसी प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले दर्शाता है. जब डॉलर कमजोर होता है, तो सोना और चांदी जैसी धातुएं निवेशकों के लिए ज्यादा आकर्षक हो जाती हैं, जिससे उनकी कीमतों में तेजी आती है.
वैश्विक तनाव और अनिश्चितता का असर
इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव भी सोने और चांदी की कीमतों को ऊपर धकेल रहे हैं. अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत और संभावित समझौते को लेकर बाजार में असमंजस की स्थिति बनी हुई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ईरान से उसके परमाणु कार्यक्रम को बंद करने और हॉमुर्ज स्ट्रेट को खोलने की मांग कर रहा है. वहीं, ईरान की ओर से भी प्रतिक्रिया देने की बात कही गई है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि उन्हें उम्मीद है कि ईरान समझौते के लिए तैयार हो सकता है, लेकिन जब तक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं होती, तब तक बाजार में अनिश्चितता बनी रह सकती है—और यही अनिश्चितता सोने-चांदी की कीमतों को सपोर्ट दे रही है.
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
बाजार के जानकारों के अनुसार, जब तक डॉलर कमजोर बना रहता है और वैश्विक तनाव जारी रहता है, तब तक सोना और चांदी मजबूत बने रह सकते हैं. हालांकि, किसी बड़े वैश्विक समझौते या आर्थिक बदलाव की स्थिति में कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.इसलिए निवेशकों को बाजार की चाल और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर नजर बनाए रखनी चाहिए.
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