Greater Noida petrol scandal: ग्रेटर नोएडा के सेक्टर पाई-1 क्षेत्र में रविवार का दिन उस समय हड़कंप में बदल गया, जब पेट्रोल भरवाकर निकले वाहन कुछ ही दूरी पर एक-एक कर बंद होने लगे. शुरुआत में लोगों को लगा कि यह उनकी गाड़ियों की तकनीकी खराबी हो सकती है, लेकिन जब एक साथ कई वाहन चालकों के साथ यही समस्या सामने आई, तो लोगों को शक हुआ कि मामला सामान्य नहीं है. कुछ ही देर में दर्जनों गाड़ियां सड़क पर खड़ी नजर आने लगीं. वाहन अचानक झटके खाकर बंद हो रहे थे और चालक परेशान होकर कारण समझने की कोशिश कर रहे थे. धीरे-धीरे यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया और लोगों की भीड़ पेट्रोल पंप के आसपास इकट्ठा होने लगी.
जांच में हुआ बड़ा खुलासा, पेट्रोल की जगह पानी भरा गया
जब वाहन चालकों ने अपनी गाड़ियों की जांच करवाई, तो जो सच सामने आया उसने सभी को चौंका दिया. मैकेनिकों ने बताया कि गाड़ियों के फ्यूल टैंक में पेट्रोल की जगह भारी मात्रा में पानी मौजूद है. यह सुनते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. वाहन चालकों का आरोप है कि पेट्रोल पंप पर या तो भारी लापरवाही हुई है या जानबूझकर मिलावट की गई है. उनका कहना है कि इस कारण उनकी महंगी गाड़ियों के इंजन को गंभीर नुकसान पहुंचा है.
सड़क पर लगा लंबा जाम, अफरा-तफरी का माहौल
पेट्रोल में पानी की मात्रा इतनी अधिक थी कि कई कारें और दोपहिया वाहन कुछ ही दूरी पर पूरी तरह बंद हो गए. इससे सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात प्रभावित हो गया.
लोग अपनी गाड़ियों को धक्का देकर सड़क किनारे लगाने को मजबूर हो गए. कई वाहन चालकों ने बताया कि उनकी नई और महंगी गाड़ियां भी इस मिलावट का शिकार हो गईं. इससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है, क्योंकि इंजन की मरम्मत में हजारों से लेकर लाखों रुपये तक का खर्च आ सकता है.
गुस्साए लोगों ने पेट्रोल पंप को घेरा, किया जोरदार प्रदर्शन
घटना के बाद गुस्साए लोगों ने पेट्रोल पंप को चारों तरफ से घेर लिया और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. लोगों ने नारेबाजी करते हुए पंप प्रबंधन पर लापरवाही और धोखाधड़ी का आरोप लगाया. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह केवल एक तकनीकी गलती नहीं हो सकती, बल्कि यह एक गंभीर लापरवाही या जानबूझकर किया गया कृत्य है. उन्होंने मांग की कि सभी प्रभावित वाहन चालकों को मुआवजा दिया जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. मौके पर स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई थी और किसी भी समय हालात बिगड़ सकते थे.
पुलिस पहुंची मौके पर, जांच प्रक्रिया शुरू
हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया. पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत किया और मामले की जांच शुरू कर दी. पेट्रोल के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं. शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि पेट्रोल पंप के भूमिगत टैंक में रिसाव हुआ हो सकता है या बारिश का पानी उसमें मिल गया हो.
हालांकि, वाहन चालक इस बात से सहमत नहीं हैं और इसे सीधे-सीधे लापरवाही या धोखाधड़ी का मामला बता रहे हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
विशेषज्ञों की चेतावनी: इंजन को हो सकता है गंभीर नुकसान
वाहन विशेषज्ञों के अनुसार, अगर पेट्रोल में पानी मिल जाए तो इससे इंजन को भारी नुकसान हो सकता है. इससे ईंधन प्रणाली, इंजेक्शन सिस्टम और पिस्टन जैसे महत्वपूर्ण हिस्से प्रभावित होते हैं. कई मामलों में इंजन पूरी तरह जाम भी हो सकता है. इसके अलावा, वाहन की वारंटी भी प्रभावित हो सकती है,
जिससे वाहन मालिकों को दोहरी मार झेलनी पड़ती है. घटना के बाद संबंधित पेट्रोल पंप पर तेल की बिक्री अस्थायी रूप से रोक दी गई है. मामले की जानकारी संबंधित विभागों को भी दे दी गई है. अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जो यह तय करेगी कि यह घटना लापरवाही का परिणाम थी या जानबूझकर की गई मिलावट.
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