गुजरात ने बनाया एक साल में 49.79 मिलियन टन कार्बन उत्सर्जन कम करने का रिकॉर्ड

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Gujarat Renewable Energy: नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में गुजरात देश के प्रमुख राज्यों में अपनी मजबूत स्थिति बना रहा है. राज्य ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 67,655 मिलियन यूनिट ग्रीन इलेक्ट्रिसिटी का उत्पादन किया और कार्बन उत्सर्जन में 49.79 मिलियन टन की कमी दर्ज की. बीते पांच वर्षों में गुजरात कुल 179 मिलियन टन कार्बन उत्सर्जन कम करने में सफल रहा है. राज्य की यह उपलब्धि सोलर और विंड एनर्जी के विस्तार, नई ऊर्जा नीतियों और ग्रीन निवेश को बढ़ावा देने के प्रयासों से जुड़ी है.

सोलर और विंड एनर्जी पर बढ़ा फोकस

गुजरात में सोलर और विंड एनर्जी के विस्तार के लिए नई ऊर्जा नीतियां बनाई गई हैं और हरित निवेश को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है. इसी दिशा में राज्य सरकार स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ पर्यावरण संरक्षण और सस्टेनेबल डेवलपमेंट पर भी जोर दे रही है. नागरिकों को घरों की छत पर रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने के लिए प्रोत्साहित करने वाली पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और किसानों को खेतों में सोलर पंप लगाने के लिए प्रोत्साहित करने वाली पीएम कुसुम योजना के कार्यान्वयन ने भी गुजरात के ग्रीन एनर्जी सेक्टर को मजबूत करने में भूमिका निभाई है. इन योजनाओं से लाभार्थियों की बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है.

2030 तक 100 गीगावाट का लक्ष्य

गुजरात सरकार की इंटीग्रेटेड आर पॉलिसी-2026 और ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी के अलावा गुजरात ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (GUVNL), गुजरात एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (GEDA) और गुजरात पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (GPCL) जैसी संस्थाएं मिलकर काम कर रही हैं. इन प्रयासों के जरिए गुजरात 2030 तक 100 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता स्थापित करने के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है. राज्य क्लीन एनर्जी, पर्यावरण संरक्षण और सस्टेनेबल डेवलपमेंट के क्षेत्र में एक मॉडल स्टेट बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.

49.80 मिलियन टन कार्बन उत्सर्जन कम हुआ

गुजरात के ऊर्जा मंत्री ऋषिकेश पटेल ने बताया कि ग्रीन पावर जेनरेशन की वजह से राज्य ने 2025-26 में 49.80 मिलियन टन कार्बन उत्सर्जन कम किया है. उन्होंने बताया कि इस दौरान 67,655 मिलियन यूनिट बिजली का भी उत्पादन किया गया है. वहीं, गुजरात ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड की एमडी शालिनी अग्रवाल ने कहा कि रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन एनर्जी और हाइड्रोजन जैसी नई पहलें पूरे गुजरात में बड़े पैमाने पर लागू की जा रही हैं. उनके मुताबिक, इन प्रयासों के चलते गुजरात अभी पूरे भारत में रिन्यूएबल एनर्जी में पहले नंबर पर है. राज्य में फिलहाल 52 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी का प्रोडक्शन हो रहा है.

सोलर सिस्टम से बिजली बिल हुआ जीरो

योजना के लाभार्थी भरतभाई पढ़ियार ने बताया कि पहले उनका बिजली बिल हर महीने 6 से 7 हजार रुपये आता था. इसके बाद उन्होंने सोलर सिस्टम लगवाया, जिसमें उन्हें 50 प्रतिशत सब्सिडी मिली. उनके मुताबिक, अब इस सिस्टम से घर में टीवी, घंटी, पंखा और एसी चलने के साथ इलेक्ट्रिक व्हीकल भी चार्ज हो जाता है और उनका बिजली बिल जीरो हो गया है. वहीं, लाभार्थी किसान खलपाभाई चौधरी ने कहा कि पहले बिजली का बिल भरने के लिए जो पैसे देने पड़ते थे, उससे अब उन्हें मुक्ति मिल गई है. उन्होंने बताया कि सोलर पंप के जरिए उन्हें लगातार पानी मिल रहा है.

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