IEA Energy Crisis: मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने वैश्विक ऊर्जा संकट को लेकर बड़ी चेतावनी जारी की है. एजेंसी ने कहा है कि मौजूदा हालात तेल सप्लाई पर गंभीर असर डाल रहे हैं और अगर स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है.
वर्क फ्रॉम होम से घटेगी ईंधन खपत
IEA ने सुझाव दिया है कि जहां संभव हो, कंपनियां और कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम अपनाएं. इससे ऑफिस आने-जाने में होने वाली ईंधन खपत कम होगी और ऊर्जा की बचत हो सकेगी. खासतौर पर आईटी और सर्विस सेक्टर में यह कदम काफी प्रभावी साबित हो सकता है.
हवाई यात्रा कम करने की सलाह
रिपोर्ट में कहा गया है कि अनावश्यक हवाई यात्रा से बचना चाहिए. इससे जेट फ्यूल की मांग कम होगी और ऊर्जा संकट के असर को सीमित किया जा सकेगा.
कुकिंग और गैस उपयोग में बदलाव जरूरी
IEA ने एलपीजी पर निर्भरता कम करने और इलेक्ट्रिक कुकिंग जैसे विकल्प अपनाने की सलाह दी है. इससे घरेलू गैस की खपत कम होगी और जरूरी जरूरतों के लिए गैस उपलब्ध रहेगी.
सड़क परिवहन में भी बदलाव के सुझाव
एजेंसी ने सड़क परिवहन के लिए कई उपाय सुझाए हैं, जिनमें गाड़ियों की स्पीड कम करना, पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल बढ़ाना और कार शेयरिंग को बढ़ावा देना शामिल है. इससे ईंधन की खपत को काफी हद तक कम किया जा सकता है.
उद्योगों के लिए वैकल्पिक ईंधन
रिपोर्ट के अनुसार, जहां एलपीजी की कमी है, वहां उद्योगों को नेफ्था जैसे वैकल्पिक ईंधनों का इस्तेमाल करना चाहिए. इससे जरूरी क्षेत्रों में गैस की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकती है.
सरकारों की भूमिका अहम
IEA ने कहा कि सरकारों को लक्षित सहायता योजनाएं लागू करनी चाहिए, ताकि जरूरतमंद लोगों को ही मदद मिले. साथ ही लोगों को ऊर्जा बचत के प्रति जागरूक करना भी जरूरी है.
तेल सप्लाई पर बड़ा असर
मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हुई है. खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, जहां से दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल गुजरता है, वहां आवाजाही में कमी आई है.

