India Inc Capex Plan: भारत में निजी कॉरपोरेट सेक्टर एक बार फिर निवेश के मोर्चे पर मजबूती दिखा रहा है. सरकार के ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारतीय कंपनियों ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 11 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के पूंजीगत निवेश (कैपेक्स) की योजना बनाई है. यह देश में मजबूत निवेश माहौल और आर्थिक गतिविधियों में तेजी का संकेत देता है.
11.44 लाख करोड़ का अनुमानित कैपेक्स
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MOSPI) के तहत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी सर्वे के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 के लिए कुल अनुमानित कैपेक्स करीब 11.44 लाख करोड़ रुपए है. यह सर्वे अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच किया गया था, जिसमें देश की बड़ी निजी कंपनियों को शामिल किया गया.
निवेश योजनाओं के क्रियान्वयन में भी मजबूती
सरकार के अनुसार, कंपनियां सिर्फ योजना ही नहीं बना रहीं, बल्कि उसे प्रभावी तरीके से लागू भी कर रही हैं. वित्त वर्ष 2024-25 में प्रति कंपनी वास्तविक कैपेक्स 173.5 करोड़ रुपए रहा, जबकि योजना 180.2 करोड़ रुपए की थी. यानी करीब 96.3 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया गया, जो मजबूत क्रियान्वयन को दर्शाता है.
कहां हो रहा है ज्यादा निवेश?
रिपोर्ट के अनुसार, करीब 48.63 प्रतिशत कंपनियां अपने निवेश को नई संपत्तियों में लगा रही हैं, जबकि 38.36 प्रतिशत कंपनियां मौजूदा संपत्तियों के उन्नयन पर ध्यान दे रही हैं. कंपनियों का सबसे बड़ा लक्ष्य आय बढ़ाना है, जिसके लिए करीब 60.13 प्रतिशत निवेश किया जा रहा है. इसके अलावा उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर भी फोकस बना हुआ है.
फंडिंग का मुख्य स्रोत: आंतरिक संसाधन
कैपेक्स के लिए कंपनियां मुख्य रूप से अपने आंतरिक संसाधनों पर निर्भर हैं. कुल निवेश का लगभग 65.35 प्रतिशत हिस्सा आंतरिक फंडिंग से आ रहा है. वहीं घरेलू कर्ज का योगदान 23.25 प्रतिशत है. इक्विटी और विदेशी निवेश की हिस्सेदारी अपेक्षाकृत कम बनी हुई है.
आने वाले सालों के संकेत भी सकारात्मक
वित्त वर्ष 2027 के लिए कंपनियों ने करीब 9.55 लाख करोड़ रुपए के निवेश की योजना बनाई है. NSO का कहना है कि ऐसे अनुमान आमतौर पर सतर्क होते हैं, जिससे संकेत मिलता है कि आगे भी निवेश का माहौल मजबूत रह सकता है.
टेक्नोलॉजी और ग्रीन एनर्जी पर बढ़ता फोकस
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि कंपनियां अब नई टेक्नोलॉजी और हरित ऊर्जा की ओर तेजी से बढ़ रही हैं. कुल निवेश का लगभग 6.62% हिस्सा सोलर, विंड और बायोमास जैसी ग्रीन एनर्जी में लगाया जा रहा है. वहीं मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 5.83% निवेश रोबोटिक उपकरणों पर किया जा रहा है, जबकि कुल मिलाकर 2.83% निवेश रोबोटिक्स पर केंद्रित है.
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