Deloitte Report: भारत में 86% लोग ज्वेलरी को मानते हैं निवेश का बेहतर जरिया, बदल रही है खरीदारी की सोच

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

भारत में करीब 86% लोग सोने और आभूषणों को संपत्ति बनाने का भरोसेमंद जरिया मानते हैं. यह आंकड़ा म्यूचुअल फंड और शेयर जैसे बाजार आधारित निवेश विकल्पों के लगभग बराबर है, जिन्हें 87% लोग पसंद करते हैं. इससे साफ है कि गहनों की अहमियत आज भी लोगों के बीच बनी हुई है. बुधवार को जारी डेलॉइट इंडिया की रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है. रिपोर्ट के अनुसार, भारत का ज्वेलरी बाजार तेजी से बदलाव के दौर से गुजर रहा है.

ज्वेलरी अब सिर्फ परंपरा नहीं

अब आभूषणों को सिर्फ शादी-ब्याह या परंपरा से जोड़कर नहीं देखा जा रहा, बल्कि लोग इन्हें अपनी पहचान, जीवनशैली और रोजमर्रा के पहनावे का अहम हिस्सा मानने लगे हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि 56% लोग ज्वेलरी को, निवेश और फैशन, दोनों के रूप में देखते हैं. वहीं, 28% लोग केवल निवेश के रूप में गहने खरीदते हैं. इससे पता चलता है कि आभूषणों की भूमिका अब सिर्फ सेविंग्स तक सीमित नहीं रही.

Gen Z को पसंद हैं हल्के और स्टाइलिश गहने

रिपोर्ट के अनुसार, पुरुष और 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोग आभूषणों को ज्यादा निवेश के रूप में खरीदते हैं. वहीं, युवा वर्ग गहनों में स्टाइल, अपने हिसाब से डिजाइन और अलग-अलग तरह से पहनने की सुविधा को ज्यादा महत्व देता है. रिपोर्ट के अनुसार जेनजी और युवा वर्ग तेजी से हल्के और रोजाना पहनने वाले गहनों की ओर आकर्षित हो रहा है. आंकड़ों के मुताबिक 51% जेनजी को चांदी की ज्वेलरी पसंद है, जबकि 34% प्लेटिनम को प्राथमिकता देते हैं.

49% लोग हल्के गहनों की ओर

करीब 49% लोग भारी और ज्यादा सजावटी गहनों की बजाय हल्के और सादे गहनों को चुन रहे हैं. रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 45% जेनजी और युवा सिल्वर ज्वेलरी में निवेश करना पसंद करते हैं. इसकी वजह बेहतर डिजाइन, किफायती कीमत और आसानी से उपलब्ध होना है. अब चांदी को सोने के साथ-साथ रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए भी तेजी से अपनाया जा रहा है. डेलॉइट इंडिया के अनुसार, पहले भारत में लगभग 70% गहने शादियों के लिए खरीदे जाते थे, लेकिन अब यह समीकरण बदल रहा है.

निजी मौकों का बढ़ा चलन

युवा जन्मदिन और सालगिरह (38% ), रोजाना और ऑफिस में पहनने वाले परिधान (32% ) और पदोन्नति व पढ़ाई जैसी करियर संबंधी उपलब्धियों के लिए आभूषण खरीदते हैं. रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि 49% लोग अंगूठियां, चेन और कान की बालियां जैसे गहनों को निजी और गैर-धार्मिक अवसरों के लिए अधिक पसंद करते हैं, जो पारंपरिक और भारी आभूषणों की तुलना में कहीं आगे हैं. हालांकि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है, लेकिन आभूषण खरीदने के मामले में लोग अब भी दुकान पर जाकर खरीदारी को ज्यादा भरोसेमंद मानते हैं.

रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले समय में ज्वेलरी उद्योग की निरंतर वृद्धि के लिए बेहतर संचालन, सही रणनीति और उपभोक्ताओं के भरोसे को मजबूत करना सबसे अहम होगा.

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