India Office Leasing FY26: भारत के ऑफिस रियल एस्टेट सेक्टर में वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में मजबूत तेजी दर्ज की गई है. देश में कुल ऑफिस लीजिंग सालाना आधार पर 10% बढ़कर 21.6 मिलियन स्क्वायर फीट तक पहुंच गई है, जो पिछले पांच वर्षों की सबसे तेज वृद्धि दर मानी जा रही है. यह जानकारी Savills India द्वारा सोमवार को जारी की गई रिपोर्ट में सामने आई है, जो भारतीय ऑफिस मार्केट की मजबूती को दर्शाती है.
सप्लाई में गिरावट, फिर भी बाजार संतुलित
रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान नई ऑफिस सप्लाई में सालाना आधार पर 28 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह घटकर 7.9 मिलियन स्क्वायर फीट रह गई. हालांकि, लीजिंग गतिविधियों में स्थिरता और सप्लाई की अनुशासित वृद्धि के कारण बाजार में संतुलन बना रहा. इसी के चलते कुल ऑफिस स्पेस में खालीपन (vacancy rate) घटकर 13.9 प्रतिशत पर आ गया है, जो बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है.
टेक्नोलॉजी सेक्टर बना सबसे बड़ा ड्राइवर
कुल ऑफिस लीजिंग गतिविधियों में टेक्नोलॉजी सेक्टर ने सबसे बड़ी हिस्सेदारी हासिल की. रिपोर्ट के मुताबिक, टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री की हिस्सेदारी 32 प्रतिशत रही, जबकि फ्लेक्सीबल वर्कस्पेस की हिस्सेदारी 22 प्रतिशत और बीएफएसआई सेक्टर की हिस्सेदारी 12 प्रतिशत दर्ज की गई. ये आंकड़े साफ बताते हैं कि आईटी और डिजिटल सेक्टर देश में ऑफिस स्पेस की मांग को आगे बढ़ाने में सबसे बड़ी भूमिका निभा रहे हैं.
बड़े ऑफिस स्पेस की मांग में बढ़ोतरी
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कुल ऑफिस लीजिंग में एक लाख स्क्वायर फीट या उससे अधिक के बड़े ऑफिस स्पेस की हिस्सेदारी 52 प्रतिशत रही. इससे स्पष्ट है कि बड़ी कंपनियां अपने विस्तार पर जोर दे रही हैं और बड़े स्तर पर ऑफिस स्पेस की मांग कर रही हैं.
क्या बोले नवीन नंदवानी
नवीन नंदवानी ने कहा, “वैश्विक चुनौतियों के बावजूद, भारत का ऑफिस मार्केट 2026 में मजबूत स्थिति में प्रवेश कर चुका है. पहली तिमाही में 21.6 मिलियन वर्ग फुट की मांग दर्ज की गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक है.” उन्होंने आगे कहा कि टेक्नोलॉजी, बीएफएसआई, मैन्युफैक्चरिंग और फ्लेक्सीबल वर्कस्पेस में मांग मजबूत बनी हुई है, जबकि ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) इस ग्रोथ को और गति दे रहे हैं.
नई सप्लाई में बेंगलुरु और NCR आगे
रिपोर्ट के मुताबिक, बेंगलुरु और दिल्ली-एनसीआर में मिलाकर लगभग 5 मिलियन स्क्वायर फीट नए ऑफिस स्पेस का निर्माण पूरा हुआ, जो पूरे भारत में कुल सप्लाई का लगभग दो-तिहाई हिस्सा है.
शहरवार प्रदर्शन: बेंगलुरु सबसे आगे, हैदराबाद में तेज उछाल
अगर शहरों के हिसाब से प्रदर्शन की बात करें तो बेंगलुरु ने अग्रणी ऑफिस बाजार के रूप में अपनी स्थिति बरकरार रखी है, जहां आईटी-बीपीएम ऑपरेटरों के चलते ऑफिस लीजिंग गतिविधि 6 मिलियन स्क्वायर फीट पर पहुंच गई, जो सालाना आधार पर 25% की वृद्धि दर्शाती है. वहीं, हैदराबाद में बड़े सौदों और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) की मजबूत मांग के चलते ऑफिस स्पेस की मांग 39% बढ़कर 4.3 मिलियन स्क्वायर फीट तक पहुंच गई, जो सबसे तेज वृद्धि है.
दिल्ली-एनसीआर में इस अवधि के दौरान 3.6 मिलियन स्क्वायर फीट की मांग दर्ज की गई, जबकि पुणे में लीजिंग गतिविधि 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 3 मिलियन स्क्वायर फीट तक पहुंच गई. दूसरी ओर, मुंबई में ऑफिस स्पेस की मांग 2.8 मिलियन स्क्वायर फीट रही.
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