भारतीय रेलवे में FY25-26 में 741 करोड़ यात्रियों ने किया सफर, 99.6% पर पहुंचा विद्युतीकरण

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

देश की परिवहन व्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली भारतीय रेल ने FY25-26 में कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं. सरकार द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान कुल 741 करोड़ यात्रियों ने रेल यात्रा की, जो न केवल इसकी व्यापक पहुंच को दर्शाता है बल्कि देश में रेलवे पर बढ़ते भरोसे को भी दिखाता है. इस अवधि में ब्रॉड गेज नेटवर्क का 99.6% हिस्सा विद्युतीकृत हो चुका है और रोजाना करीब 25,000 ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है. यह बदलाव भारतीय रेल को अधिक आधुनिक, तेज और ऊर्जा कुशल बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.

आय और माल ढुलाई में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

सरकारी बयान के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में रेलवे की कुल आय बढ़कर लगभग 80,000 करोड़ रुपए तक पहुंच गई है. यह वृद्धि रेलवे के संचालन, यात्री संख्या और माल ढुलाई में हुए विस्तार का परिणाम है. माल परिवहन के क्षेत्र में भी रेलवे ने मजबूत प्रदर्शन किया है. कुल माल ढुलाई बढ़कर 1,670 मिलियन टन तक पहुंच गई, जो देश की औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों में रेलवे की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है.

विद्युतीकरण में ऐतिहासिक छलांग

भारतीय रेल ने पिछले एक दशक में विद्युतीकरण के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है. वर्ष 2014 तक जहां केवल करीब 20 प्रतिशत नेटवर्क ही विद्युतीकृत था, वहीं मार्च 2026 तक यह बढ़कर 69,873 रूट किलोमीटर हो गया है. इस व्यापक विद्युतीकरण का सीधा असर लागत और पर्यावरण दोनों पर पड़ा है. वर्ष 2024-25 में रेलवे ने करीब 180 करोड़ लीटर डीजल की बचत की, जिससे लगभग 6,000 करोड़ रुपए की आर्थिक बचत हुई. इसके साथ ही कच्चे तेल के आयात में कमी आई, जो देश के लिए एक बड़ा सकारात्मक संकेत है. भारत का विद्युतीकरण स्तर अब कई बड़े देशों से आगे निकल चुका है, जो इस क्षेत्र में उसकी तेजी को दर्शाता है.

सुरक्षा और निगरानी में तकनीकी क्रांति

रेलवे ने सुरक्षा के क्षेत्र में भी बड़े स्तर पर तकनीकी सुधार किए हैं. “कवच” स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली 3,100 किलोमीटर से अधिक मार्गों पर लागू की जा चुकी है, जबकि 24,400 किलोमीटर से अधिक मार्गों पर इसका कार्य जारी है. इसके अलावा, 1,874 रेलवे स्टेशनों पर वीडियो निगरानी प्रणाली लागू की गई है, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित विश्लेषण और चेहरे की पहचान तकनीक का उपयोग किया जा रहा है. इससे यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत किया गया है. यात्रियों को बेहतर जानकारी देने के लिए 1,405 स्टेशनों पर एकीकृत यात्री सूचना प्रणाली लागू की गई है, जो राष्ट्रीय ट्रेन पूछताछ प्रणाली से जुड़ी है. इससे समय पर घोषणाएं और सूचना उपलब्ध कराई जा रही है.

ट्रैक सुधार और गति में बड़ा बदलाव

पिछले दशक में रेलवे ट्रैक के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया है. 2014 से 2026 के बीच कुल 54,600 किलोमीटर ट्रैक का नवीनीकरण किया गया है, जिससे रेलवे की विश्वसनीयता और संचालन क्षमता में सुधार हुआ है.

अब 110 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक गति सहने वाले ट्रैक की लंबाई 31,445 किलोमीटर से बढ़कर 85,000 किलोमीटर से ज्यादा हो गई है. इससे ट्रेनों की गति और समयबद्धता में बड़ा सुधार देखने को मिला है.

नई ट्रेनों से यात्रियों को बेहतर सुविधा

भारतीय रेल ने नई पीढ़ी की ट्रेनों के जरिए यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में भी कदम बढ़ाए हैं. जनवरी 2026 में शुरू हुई वंदे भारत स्लीपर सेवा ने अपने पहले तीन महीनों में 119 ट्रिप में 1.21 लाख यात्रियों को सफर कराया. वित्त वर्ष 2025-26 में वंदे भारत एक्सप्रेस नेटवर्क पर लगभग 3.98 करोड़ यात्रियों ने यात्रा की. वहीं शुरुआत से अब तक यह ट्रेन 1 लाख ट्रिप में 9.1 करोड़ से अधिक यात्रियों को सेवा दे चुकी है.

इसके अलावा, निम्न और मध्यम आय वर्ग के लिए “अमृत भारत एक्सप्रेस” शुरू की गई है, जो पूरी तरह गैर-एसी आधुनिक ट्रेनें हैं. इनका उद्देश्य किफायती दर पर आरामदायक और सुरक्षित यात्रा उपलब्ध कराना है. 18 मार्च 2026 तक देशभर में इसकी 60 सेवाएं संचालित हो रही हैं.

यह भी पढ़े: PM Modi: पीएम मोदी ने लाटी की कला से देखी उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत

Latest News

तुर्किये के स्कूल में फिर गोलीबारी, शिक्षक समेत चार लोगों की मौत, 20 से अधिक घायल, हमलावर छात्र भी ढेर

Turkey Firing: तुर्किये के दक्षिणी प्रांत कहरामनमारस के सेकेंडरी स्कूल में बुधवार को हुई गोलीबारी में 4 लोगों की...

More Articles Like This

Exit mobile version