भारत की प्रमुख आईटी कंपनी इंफोसिस ने मंगलवार को अमेरिकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी एंथ्रोपिक के साथ रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की. इस सहयोग के तहत दोनों कंपनियां सॉफ्टवेयर, मैन्युफैक्चरिंग, वित्तीय सेवाओं और दूरसंचार सहित कई क्षेत्रों के लिए उन्नत एंटरप्राइज एआई समाधान विकसित और उपलब्ध कराएंगी. इंफोसिस के अनुसार, इस पहल में उसके Topaz प्लेटफॉर्म को एंथ्रोपिक के Claude मॉडल (Claude Code सहित) के साथ एकीकृत किया जाएगा. इससे जटिल वर्कफ्लो का ऑटोमेशन, सॉफ्टवेयर डिलीवरी की गति में वृद्धि और विभिन्न उद्योगों के लिए एजेंटिक एआई आधारित समाधान तैयार करने में मदद मिलेगी.
टेलीकॉम से होगी शुरुआत, कई सेक्टर तक विस्तार
यह साझेदारी टेलीकम्युनिकेशन क्षेत्र में एक समर्पित एंथ्रोपिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के साथ शुरू होगी, जो उद्योग-विशिष्ट कार्यों के अनुरूप एआई एजेंटों का निर्माण और तैनाती करेगा. यह सहयोग आगे चलकर फाइनेंशियल सर्विसेज, मैन्युफैक्चरिंग और सॉफ्टवेयर विकास सहित अन्य उद्योगों तक भी विस्तारित किया जाएगा. इस पहल के तहत सर्विसेज सेक्टर में एआई एजेंट जोखिम पहचानने, अनुपालन रिपोर्टिंग को ऑटोमेट करने और ग्राहकों के साथ व्यक्तिगत संपर्क स्थापित करने में मदद करेंगे. वहीं मैन्युफैक्चरिंग और इंजीनियरिंग में Claude उत्पाद डिजाइन और सिमुलेशन को तेज करेगा, जिससे अनुसंधान एवं विकास में लगने वाला समय कम होगा और उत्पादन से पहले अधिक वर्जन का परीक्षण संभव हो सकेगा.
सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट में बढ़ेगी गति
कंपनी के मुताबिक सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट सेक्टर में टीमें Claude Code का उपयोग कोड लिखने, टेस्टिंग करने और कमियों को दूर करने के लिए करेंगी, जिससे डेवलपर्स डिजाइन से लेकर प्रोडक्शन तक की पूरी प्रक्रिया को पहले से अधिक तेजी से पूरा कर सकेंगे. इंफोसिस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सलिल पारेख ने कहा कि यह साझेदारी वित्तीय सेवाओं में इंटेलिजेंट रिस्क मैनेजमेंट और अनुपालन को मजबूत बनाने से लेकर एआई-संचालित डिजाइन व मैन्युफैक्चरिंग के जरिए इंजीनियरिंग व्यवसायों को सशक्त करने तक कई क्षेत्रों में बदलाव लाएगी. उन्होंने कहा कि दोनों कंपनियों की संयुक्त विशेषज्ञता का उद्देश्य वैश्विक उद्यमों को एआई से वास्तविक व्यावसायिक मूल्य तेजी से हासिल करने में मदद करना है.
एंथ्रोपिक CEO ने बताई साझेदारी की अहमियत
एंथ्रोपिक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और सह-संस्थापक डारियो अमोदेई ने कहा कि डेमो में काम करने वाले एआई मॉडल और विनियमित उद्योगों में उपयोग होने वाले एआई मॉडल के बीच बड़ा अंतर होता है. इस अंतर को दूर करने के लिए गहरी डोमेन विशेषज्ञता जरूरी होती है. उन्होंने कहा कि इंफोसिस के पास दूरसंचार, वित्तीय सेवाओं और विनिर्माण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में यही विशेषज्ञता मौजूद है, जो इस साझेदारी को प्रभावी बनाएगी.
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