ITR Filing 2026: आईटीआर भरते समय भूलकर भी न करें ये 4 गलतियां, वरना आ सकता है इनकम टैक्स विभाग का नोटिस

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

ITR Filing 2026: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने का सीजन शुरू होते ही लाखों टैक्सपेयर्स अपनी रिटर्न दाखिल करने की तैयारी में जुट जाते हैं. हालांकि, जल्दबाजी या जानकारी की कमी के कारण कई लोग ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जो बाद में भारी पड़ सकती हैं. इनकम टैक्स विभाग के रिकॉर्ड और आपके द्वारा दी गई जानकारी में जरा सा भी अंतर होने पर नोटिस आ सकता है. इतना ही नहीं, रिफंड में देरी, जुर्माना और अतिरिक्त ब्याज जैसी परेशानियों का भी सामना करना पड़ सकता है. ऐसे में ITR दाखिल करने से पहले उन आम गलतियों के बारे में जान लेना जरूरी है, जिनसे बचकर आप किसी भी तरह की परेशानी से दूर रह सकते हैं.

गलत ITR फॉर्म का चयन

आईटीआर फाइल करते समय सबसे आम गलती गलत फॉर्म चुनने की होती है. हर ITR फॉर्म अलग-अलग प्रकार के टैक्सपेयर्स और आय के स्रोतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है. यदि आपकी आय का स्रोत चुने गए फॉर्म की शर्तों से मेल नहीं खाता है तो इनकम टैक्स विभाग आपकी रिटर्न को ‘डिफेक्टिव रिटर्न’ घोषित कर सकता है. ऐसी स्थिति में नोटिस मिलने के साथ-साथ अतिरिक्त जांच या ऑडिट का सामना भी करना पड़ सकता है.

ITR फाइल करने की समय सीमा न चूकें

कई टैक्सपेयर्स आखिरी समय तक इंतजार करते रहते हैं और समय सीमा निकल जाने के बाद रिटर्न दाखिल करते हैं. ऐसा करने पर 5,000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है. इसके अलावा रिटर्न देर से दाखिल करने पर बिजनेस लॉस और कैपिटल लॉस को आगे के वर्षों में समायोजित करने की सुविधा भी प्रभावित हो सकती है. वहीं, बकाया टैक्स पर हर महीने 1 प्रतिशत की दर से ब्याज भी देना पड़ सकता है.

असेसमेंट ईयर और फाइनेंशियल ईयर में न करें भ्रम

आईटीआर भरते समय कई लोग फाइनेंशियल ईयर (FY) और असेसमेंट ईयर (AY) को लेकर भ्रमित हो जाते हैं. गलत असेसमेंट ईयर चुनने से रिटर्न प्रोसेसिंग में देरी हो सकती है और विभाग की ओर से स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है. इसलिए रिटर्न दाखिल करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपने सही असेसमेंट ईयर का चयन किया है.

सभी आय स्रोतों की जानकारी देना जरूरी

कई बार टैक्सपेयर्स केवल अपनी सैलरी की जानकारी भरते हैं और अन्य आय स्रोतों को शामिल करना भूल जाते हैं. बैंक ब्याज, एफडी पर मिलने वाला रिटर्न, किराये से होने वाली आय, फ्रीलांसिंग या अन्य किसी स्रोत से प्राप्त आय को भी रिटर्न में दिखाना जरूरी होता है. यदि आपकी ओर से दी गई जानकारी और विभाग के पास उपलब्ध डेटा में अंतर पाया जाता है तो नोटिस जारी हो सकता है.

रिटर्न दाखिल करने से पहले जरूर करें जांच

आईटीआर फाइल करने से पहले सभी दस्तावेजों, आय के स्रोतों, बैंक विवरण और टैक्स संबंधी जानकारी की अच्छी तरह जांच कर लेना जरूरी है. थोड़ी सी सावधानी आपको नोटिस, जुर्माने और अनावश्यक परेशानियों से बचा सकती है.

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