100% एथेनॉल पर दौड़ेगी वैगनआर, भारत की पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार लॉन्च

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Maruti Suzuki WagonR Flex Fuel Launch: पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच देश में वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है. देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने गुरुवार को भारत में फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक से लैस पहली यात्री कार वैगनआर फ्लेक्स-फ्यूल लॉन्च कर दी. यह कार ई20 से लेकर ई100 तक के एथेनॉल-पेट्रोल मिश्रण पर चल सकती है और इसे 100% एथेनॉल पर चलने के लिए डिजाइन किया गया है.

इस लॉन्च के साथ भारत स्वच्छ और हरित परिवहन की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ गया है. सरकार भी लंबे समय से एथेनॉल आधारित ईंधन को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है, ताकि पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम की जा सके और प्रदूषण में कमी लाई जा सके.

क्या है फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक?

फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक ऐसी व्यवस्था है जिसमें वाहन अलग-अलग अनुपात में एथेनॉल और पेट्रोल के मिश्रण पर चल सकता है. मारुति की नई वैगनआर फ्लेक्स-फ्यूल ई20 से लेकर ई100 तक के ईंधन मिश्रण को सपोर्ट करती है. इसका मतलब है कि वाहन में 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल से लेकर 100 प्रतिशत एथेनॉल तक का उपयोग किया जा सकता है. इससे न केवल जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम होगी बल्कि कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी.

स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम

मारुति सुजुकी ने कहा कि यह लॉन्च भारत सरकार के उस लक्ष्य के अनुरूप है, जिसके तहत परिवहन क्षेत्र में जैव ईंधन के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है. कंपनी का मानना है कि फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के बढ़ते उपयोग से देश के ऊर्जा आयात बिल में कमी आएगी और पर्यावरण को भी फायदा होगा. यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर नई रणनीतियों पर काम किया जा रहा है.

लॉन्च कार्यक्रम में शामिल हुए नितिन गडकरी

नई वैगनआर फ्लेक्स-फ्यूल के लॉन्च कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भी मौजूद रहे. इस दौरान उन्होंने स्वच्छ और वैकल्पिक ईंधन आधारित परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई. उन्होंने बताया कि सरकार अपनी वैकल्पिक ईंधन नीति के तहत 15 प्रतिशत आइसोब्यूटेनॉल मिश्रित डीजल को भी बढ़ावा देने की योजना बना रही है.

ऑटो कंपनियों से की खास अपील

गडकरी ने मारुति सुजुकी और हीरो मोटोकॉर्प जैसी वाहन निर्माता कंपनियों से पुराने वाहनों को फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक में परिवर्तित करने की दिशा में काम करने की अपील की. उन्होंने कहा कि इससे प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी और सरकार के वाहन स्क्रैपेज कार्यक्रम को भी मजबूती मिलेगी. पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने में भी यह तकनीक अहम भूमिका निभा सकती है.

भारतीय अर्थव्यवस्था का अहम स्तंभ बना ऑटो सेक्टर

कार्यक्रम के दौरान गडकरी ने कहा कि ऑटोमोबाइल उद्योग भारतीय अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख विकास इंजन बन चुका है. उन्होंने बताया कि भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल बाजार बन गया है और यह क्षेत्र देश की जीडीपी तथा रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है.

मारुति कर रही नई तकनीकों पर काम

मारुति सुजुकी इंडिया के प्रबंध निदेशक और सीईओ हिसाशी ताकेउची ने कहा कि कंपनी केवल फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक तक सीमित नहीं है, बल्कि कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) और हाइड्रोजन जैसे स्वच्छ ईंधन विकल्पों पर भी काम कर रही है. उन्होंने बताया कि कंपनी कई सीबीजी परियोजनाओं में निवेश कर रही है और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए नई स्वच्छ तकनीकों के विकास पर भी ध्यान दे रही है.

ग्रीन व्हीकल सेगमेंट में मजबूत पकड़

मारुति सुजुकी के विपणन एवं बिक्री विभाग के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी पार्थो बनर्जी ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में बिकने वाले कुल ग्रीन वाहनों में लगभग आधी हिस्सेदारी मारुति सुजुकी की रही. कंपनी का मानना है कि फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों की शुरुआत से ग्रीन मोबिलिटी सेगमेंट को और मजबूती मिलेगी तथा स्वच्छ ईंधन आधारित वाहनों की मांग में आने वाले वर्षों में तेजी देखने को मिल सकती है.

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