Middle East Tension Impact: मध्यपूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखाई देने लगा है. इस सप्ताह देश की कई बड़ी कंपनियों के बाजार पूंजीकरण (मार्केटकैप) में भारी गिरावट दर्ज की गई है. सबसे ज्यादा असर लार्सन एंड टूब्रो (L&T) पर पड़ा है, जिसका मार्केटकैप करीब 45,629.03 करोड़ रुपये घटकर 5,43,208.36 करोड़ रुपये रह गया है.
मध्यपूर्व में प्रोजेक्ट्स के कारण बढ़ी चिंता
जानकारों का कहना है कि एलएंडटी के मार्केटकैप में गिरावट की बड़ी वजह कंपनी का मध्यपूर्व क्षेत्र में बड़ा निवेश और प्रोजेक्ट्स होना है. इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण वहां चल रहे इंफ्रास्ट्रक्चर और इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है.
टॉप कंपनियों का मार्केटकैप घटा
बीते सप्ताह देश की टॉप 10 कंपनियों में से 8 कंपनियों का कुल मार्केटकैप करीब 2,81,581.53 करोड़ रुपये घट गया. इन कंपनियों में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं.
इन कंपनियों को हुआ बड़ा नुकसान
समीक्षा अवधि के दौरान कई बड़ी कंपनियों के मार्केटकैप में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई-
- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) का मार्केटकैप 53,952.96 करोड़ रुपये घटकर 10,55,567.27 करोड़ रुपये रह गया.
- आईसीआईसीआई बैंक का मार्केटकैप 46,936.82 करोड़ रुपये घटकर 9,40,049.82 करोड़ रुपये पर आ गया.
- एचडीएफसी बैंक का मार्केटकैप 46,552.3 करोड़ रुपये कम होकर 13,19,107.08 करोड़ रुपये रह गया.
- बजाज फाइनेंस का मार्केटकैप 28,934.56 करोड़ रुपये घटकर 5,91,136.03 करोड़ रुपये रह गया.
- टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) का मार्केटकैप 28,492.44 करोड़ रुपये घटकर 9,25,380.15 करोड़ रुपये रह गया.
- हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) का मार्केटकैप 26,350.67 करोड़ रुपये घटकर 5,23,042.51 करोड़ रुपये पर आ गया.
- भारती एयरटेल का मार्केटकैप 4,732.75 करोड़ रुपये घटकर 10,67,120.50 करोड़ रुपये रह गया.
रिलायंस और इन्फोसिस में आई तेजी
हालांकि, बाजार में गिरावट के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज और इन्फोसिस के शेयरों में बढ़त देखने को मिली.
- रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केटकैप 14,750.39 करोड़ रुपये बढ़कर 19,01,583.05 करोड़ रुपये हो गया.
- इन्फोसिस का मार्केटकैप 3,459.99 करोड़ रुपये बढ़कर 5,30,546.54 करोड़ रुपये पर पहुंच गया.
विशेषज्ञों की क्या है राय
रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के रिसर्च विभाग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजीत मिश्रा के मुताबिक, पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण बाजार में निवेशकों की धारणा कमजोर हुई है. इसी वजह से छोटा कारोबारी सप्ताह होने के बावजूद बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुआ.
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मध्यपूर्व में तनाव और बढ़ता है, तो आने वाले समय में वैश्विक बाजारों के साथ भारतीय बाजार पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है.
यह भी पढ़े: Iran–Israel Tension: यूएई में एयर डिफेंस अलर्ट, भारतीय दूतावास ने जारी की एडवाइजरी