LPG Cylinder Supply: प्रवासी मजदूरों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण और बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने राज्यों में प्रवासी श्रमिकों के लिए उपलब्ध 5 किलो के फ्री ट्रेड एलपीजी (एफटीएल) सिलेंडरों की रोजाना आपूर्ति को दोगुना करने का निर्णय लिया है. यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब देश में ऊर्जा की मांग और आपूर्ति को लेकर कई तरह की चिंताएं बनी हुई हैं. इस फैसले का सीधा फायदा उन प्रवासी मजदूरों को मिलेगा, जो सीमित संसाधनों के साथ शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों में काम करते हैं और सस्ती रसोई गैस पर निर्भर रहते हैं.
सप्लाई बढ़ाने का आधार क्या होगा
पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन में साफ किया गया है कि सिलेंडरों की बढ़ाई गई सप्लाई का आधार पहले से चल रहे औसत दैनिक वितरण पर होगा. यानी जिस राज्य में जितने सिलेंडर पहले रोजाना वितरित किए जा रहे थे, उसी अनुपात में अब उस संख्या को बढ़ाकर दोगुना किया जाएगा. इससे यह सुनिश्चित होगा कि जहां जरूरत ज्यादा है, वहां पर्याप्त मात्रा में सिलेंडर उपलब्ध कराए जा सकें.
20% सीमा से भी आगे निकला फैसला
गौरतलब है कि सरकार ने इससे पहले सिलेंडर सप्लाई बढ़ाने के लिए 20 प्रतिशत की सीमा तय की थी. लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए अब इस सीमा को पार करते हुए आपूर्ति को और ज्यादा बढ़ाने का निर्णय लिया गया है. इसका मतलब है कि अब पहले की तुलना में काफी अधिक सिलेंडर प्रवासी मजदूरों तक पहुंचेंगे, जिससे उनकी दैनिक जरूरतों को पूरा करना आसान होगा.
राज्यों और विभागों के जरिए होगा वितरण
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अतिरिक्त 5 किलो के एफटीएल सिलेंडर सीधे राज्य सरकारों और उनके खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभागों को उपलब्ध कराए जाएंगे. इन सिलेंडरों का वितरण विशेष रूप से प्रवासी मजदूरों के लिए किया जाएगा. इस पूरी प्रक्रिया में ऑयल मार्केटिंग कंपनियां भी सक्रिय रूप से सहयोग करेंगी, ताकि सप्लाई चेन में किसी तरह की बाधा न आए.
घबराकर खरीदारी न करने की अपील
सरकार ने आम लोगों से यह अपील भी की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराकर गैस या ईंधन की खरीदारी न करें. सरकार का कहना है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है और सप्लाई को बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है.
डिजिटल बुकिंग को दिया जा रहा बढ़ावा
उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे एलपीजी बुकिंग के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग करें. अनावश्यक रूप से गैस एजेंसियों या डिस्ट्रीब्यूटर के पास जाने से बचने के लिए कहा गया है. इससे भीड़ कम होगी और वितरण व्यवस्था अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित की जा सकेगी.
जरूरी क्षेत्रों को प्राथमिकता
सरकार ने घरेलू एलपीजी और पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की सप्लाई को प्राथमिकता देने का भी निर्णय लिया है. विशेष रूप से अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य जरूरी सेवाओं को गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की परेशानी न हो. सप्लाई को बनाए रखने के लिए सरकार ने रिफाइनरी उत्पादन बढ़ाने जैसे कई अहम कदम उठाए हैं.
इसके साथ ही शहरी क्षेत्रों में गैस बुकिंग का अंतराल 25 दिन और ग्रामीण इलाकों में 45 दिन तक निर्धारित किया गया है. मांग को संतुलित करने के लिए केरोसिन और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधन भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि एलपीजी पर दबाव कम किया जा सके.
आंकड़े क्या कहते हैं
सरकार के अनुसार, प्रवासी मजदूरों के लिए एलपीजी सप्लाई में किसी तरह की बाधा नहीं आई है. हालिया आंकड़ों के मुताबिक, करीब 51 लाख घरेलू एलपीजी सिलेंडर वितरित किए जा चुके हैं. इसके अलावा ऑनलाइन बुकिंग का स्तर 95 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो डिजिटल सिस्टम के बढ़ते उपयोग को दर्शाता है. डिलीवरी ऑथेंटिकेशन सिस्टम के जरिए वितरण में पारदर्शिता भी बढ़ी है, जिससे गड़बड़ियों पर नियंत्रण किया जा रहा है.
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