Onion Price Hike: प्याज के बिना थाली अधूरी लगती है, लेकिन अब यही प्याज आम लोगों की रसोई का बजट बिगाड़ने लगा है. देश के कई हिस्सों में कीमतें तेजी से बढ़ने के बाद सरकार भी अलर्ट हो गई है. दिल्ली में प्याज 65 रुपये किलो तक पहुंच गया है, जबकि चेन्नई में भी भाव करीब 58 रुपये किलो चल रहा है. बढ़ती कीमतों को रोकने के लिए अब सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है. महंगे इलाकों में बफर स्टॉक का प्याज उतारा जाएगा, ताकि बाजार में सप्लाई बढ़े और लोगों को महंगे प्याज से राहत मिल सके.
42 रुपये किलो तक पहुंचा प्याज का औसत भाव
शनिवार को प्याज का खुदरा भाव करीब 42 रुपये प्रति किलो पहुंच गया. पिछले साल के मुकाबले प्याज की कीमत में करीब 45 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. वहीं, एक महीने पहले की तुलना में इसका भाव लगभग 19 फीसदी ज्यादा है. देश के कई बड़े शहरों में कीमतें औसत भाव से भी काफी ऊपर हैं. दिल्ली में प्याज करीब 65 रुपये किलो बिक रहा था, जबकि चेन्नई में इसका भाव करीब 58 रुपये किलो था. कीमतों में इस तेजी को देखते हुए सरकार को आशंका है कि अगर जल्द कदम नहीं उठाया गया तो आने वाले दिनों में आम लोगों की परेशानी और बढ़ सकती है.
महंगे इलाकों में भेजा जाएगा बफर स्टॉक
प्याज की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण के लिए सरकार अपने बफर स्टॉक का इस्तेमाल करने जा रही है. सरकार जरूरी खाद्य वस्तुओं का बफर स्टॉक इसलिए रखती है, ताकि बाजार में किसी सामान की कमी होने या कीमत अचानक बढ़ने पर उसकी उपलब्धता बढ़ाई जा सके. अब इसी व्यवस्था के तहत ज्यादा कीमत वाले इलाकों में बफर स्टॉक से प्याज भेजा जाएगा. इससे उन बाजारों में प्याज की सप्लाई बढ़ेगी और कीमतों को नीचे लाने में मदद मिल सकती है.
सरकार की योजना पूरे देश में एक साथ प्याज उतारने की नहीं है. जिस क्षेत्र में कीमत ज्यादा होगी, वहां जरूरत के हिसाब से सरकारी स्टॉक भेजा जाएगा. यानी महंगे बाजारों पर ज्यादा फोकस रहेगा.
फिर इस्तेमाल होगी कांदा एक्सप्रेस
बफर स्टॉक के प्याज को अलग-अलग शहरों तक पहुंचाने के लिए सरकार एक बार फिर कांदा एक्सप्रेस की रेल सेवा लेने की तैयारी कर रही है. कांदा एक्सप्रेस को अक्टूबर 2024 में शुरू किया गया था. यह विशेष ट्रेन महाराष्ट्र के नासिक से दिल्ली, गुवाहाटी और लखनऊ जैसे स्थानों तक सस्ते प्याज का बफर स्टॉक पहुंचाने के लिए इस्तेमाल की गई थी.
अब नासिक से दिल्ली, चेन्नई, कोच्चि और गुवाहाटी जैसे शहरों तक प्याज पहुंचाने की तैयारी है. इन इलाकों में प्याज के दाम ज्यादा बताए गए हैं. रेल के जरिए प्याज की ढुलाई होने से संबंधित शहरों में सप्लाई बढ़ाने के साथ लंबी दूरी तक प्याज पहुंचाने में लगने वाले समय और खर्च को कम करने में भी मदद मिल सकती है.
सिर्फ बफर स्टॉक पर निर्भर नहीं सरकार
सरकार फिलहाल सिर्फ अपने बफर स्टॉक के जरिए ही स्थिति संभालने की तैयारी नहीं कर रही है. आने वाले महीनों की मांग को पूरा करने के लिए किसानों के साथ मिलकर भी प्याज का भंडार तैयार किया जा रहा है. इसका मकसद दो स्तर पर काम करना है. पहला, मौजूदा समय में बढ़ी हुई कीमतों को नियंत्रित करना और दूसरा, आगे चलकर बाजार में प्याज की कमी की स्थिति पैदा न होने देना.
प्याज के साथ चीनी के दाम भी बढ़े
रसोई के बजट पर दबाव सिर्फ प्याज की वजह से नहीं बढ़ा है. चीनी की कीमतों में भी तेजी देखने को मिल रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार को चीनी का भाव बढ़कर 62 रुपये 50 पैसे प्रति किलो हो गया. एक महीने पहले चीनी करीब 46 रुपये किलो बिक रही थी. वहीं दिल्ली में इसकी खुदरा कीमत करीब 65 रुपये किलो और मुंबई में करीब 69 रुपये किलो पहुंच गई है.
यह भी पढ़े: Kannur Accident: टैंकर ने ट्रक को मारी टक्कर, लगी भीषण आग, दो मैकेनिकों की मौत

