Crude Oil Price: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड 107.82 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है. भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का करीब 88.6 प्रतिशत आयात करता है, ऐसे में लंबे समय तक ऊंची कीमतें महंगाई और चालू खाता घाटे पर दबाव बढ़ा सकती हैं.
India Semiconductor Industry: भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर में निवेशकों का भरोसा बढ़ रहा है. ट्रैक्सन की रिपोर्ट के मुताबिक 281 वित्तपोषित कंपनियां अब तक 1.4 अरब डॉलर की इक्विटी फंडिंग जुटा चुकी हैं, जिसमें करीब आधी फंडिंग 2025 के बाद आई है.
Share Market Holiday: गणेश चतुर्थी के चलते 14 सितंबर 2026 को BSE और NSE में ट्रेडिंग बंद रहेगी. इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव्स और करेंसी डेरिवेटिव्स में कारोबार नहीं होगा, जबकि कमोडिटी और EGR सेगमेंट में शाम 5 बजे के बाद ट्रेडिंग शुरू होगी.
एक समय बांग्लादेश भारत को पद्मा नदी की हिलसा मछली भेजता था, लेकिन अब स्थिति बदल गई है. बांग्लादेश में हिलसा का उत्पादन कम होने के बाद भारत से करीब 500 टन हिलसा निर्यात की जा चुकी है और 150-200 टन और भेजे जाने की उम्मीद है.
LPG Price Today: गणेश चतुर्थी पर गैस सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है. दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, नोएडा समेत कई शहरों में घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर पुराने रेट पर ही मिल रहा है. यहां देखें शहरवार ताजा कीमतें.
Gold Silver Price Today: आज हरतालिका तीज का त्योहार मानाया जा रहा है. ऐसे में अगर आप सोने चांदी की खरीदारी करने की सोच रहे हैं, या फिर सोने चांदी में निवेश की योजना बना रहे हैं, तो यह...
भोपाल से दिल्ली जा रही एयर इंडिया की उड़ान AI1886 को तकनीकी समस्या के कारण रविवार को एहतियातन जयपुर डायवर्ट किया गया. विमान ने जयपुर में सुरक्षित लैंडिंग की और यात्रियों को दिल्ली पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है.
कोयला मंत्रालय ने पंजाब में बिजली उत्पादन घटने के पीछे कोयले की कमी को जिम्मेदार ठहराने वाली खबरों को खारिज किया है. मंत्रालय के अनुसार, बिजलीघरों का कम उपयोग, तकनीकी खराबियां और उपलब्ध कोयले का समय पर उठान न होना प्रमुख वजहें हैं.
भारत पहली बार दक्षिण एशिया में वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम 2026 की मेजबानी करेगा. 15 से 18 सितंबर तक गांधीनगर में होने वाले इस आयोजन में 65 से अधिक देशों के 2,000 से ज्यादा प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है.
India Space Economy: ईवाई और CII की संयुक्त रिपोर्ट के मुताबिक नीतिगत सुधारों, निजी क्षेत्र की भागीदारी और अंतरिक्ष आधारित सेवाओं की बढ़ती मांग से भारत की स्पेस इकोनॉमी 2033 तक 44 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है.