भारत का व्यापारिक घाटा मार्च 2026 में घटकर 20.67 अरब डॉलर हो गया है. निर्यात में 6.3 प्रतिशत की वृद्धि और आयात में गिरावट से अर्थव्यवस्था को राहत मिली है. कच्चे तेल की रणनीति और वैश्विक हालात के बीच यह बड़ा बदलाव देखा गया है.
वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत के निर्यात में 4.22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है और कुल आंकड़ा 860 अरब डॉलर के पार पहुंच गया है. सेवा क्षेत्र ने सबसे ज्यादा योगदान दिया है, जबकि कई देशों में भारतीय उत्पादों की मांग बढ़ी है.
सरकार ने MSME सेक्टर को बड़ा सहारा देते हुए 92,000 करोड़ रुपए की गारंटी मंजूर की है. इसके साथ ही बिना गारंटी लोन की सीमा बढ़ाकर 20 लाख कर दी गई है. नए रजिस्ट्रेशन, बढ़ते कर्ज और डिजिटल फाइनेंसिंग में उछाल से सेक्टर में तेजी देखने को मिल रही है.
देश में एलपीजी की बढ़ती मांग के बीच ऑटो एलपीजी की बिक्री में तेज उछाल देखने को मिला है. सरकार ने सप्लाई बनाए रखने के साथ जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त अभियान शुरू किया है. पीएनजी कनेक्शनों में भी तेजी आई है, जिससे ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा बदलाव नजर आ रहा है.
सोने और चांदी की कीमतों में गुरुवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली. एमसीएक्स पर सोना 1.55 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब पहुंच गया, जबकि चांदी 2.55 लाख रुपए प्रति किलो के पार चली गई. अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूती और डॉलर में कमजोरी के चलते कीमती धातुओं की चमक बढ़ी है. जानिए आज के ताजा रेट और इसके पीछे की बड़ी वजह.
बुधवार के कारोबारी सत्र में दूरसंचार अवसंरचना क्षेत्र की प्रमुख कंपनी Indus Towers के शेयरों पर दबाव साफ तौर पर देखने को मिला. यह गिरावट उस समय तेज हुई जब वैश्विक ब्रोकरेज फर्म Jefferies ने इस स्टॉक की रेटिंग...
देश की परिवहन व्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली भारतीय रेल ने FY25-26 में कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं. सरकार द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान कुल 741 करोड़ यात्रियों ने रेल यात्रा की, जो...