Passenger Vehicle Growth: FY27 में कार बाजार पकड़ सकता है रफ्तार, शादियों का सीजन और नए मॉडल बढ़ाएंगे बिक्री

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Passenger Vehicle Growth: भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर को लेकर एक बड़ी सकारात्मक तस्वीर सामने आई है. आने वाले FY26-27 में देश के यात्री वाहन सेगमेंट में मजबूत वृद्धि देखने को मिल सकती है. रिपोर्ट के अनुसार, टैक्स में राहत, लंबा शादियों का सीजन और नए मॉडलों की बढ़ती मांग कार बाजार को नई गति दे सकती है. ऐसे में आने वाले समय में वाहन कंपनियों के लिए बिक्री और कारोबार के बेहतर अवसर बनने की उम्मीद जताई जा रही है.

रेटिंग एजेंसी आईसीआरए (ICRA) द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक, वाहन उद्योग की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है और इसी वजह से वित्त वर्ष 2027 में यात्री वाहन उद्योग की वॉल्यूम ग्रोथ लगभग 4.6 प्रतिशत तक पहुंच सकती है. हालांकि, पिछले साल के उच्च आधार और मानसून से जुड़ी संभावित चुनौतियों के कारण यह वृद्धि थोड़ी धीमी रह सकती है, लेकिन बाजार में सकारात्मक माहौल बरकरार रहने की संभावना जताई गई है.

अप्रैल में बिक्री के आंकड़ों ने बढ़ाया उत्साह

रिपोर्ट में कहा गया है कि अप्रैल महीने में यात्री वाहनों की थोक और खुदरा बिक्री में सालाना आधार पर मजबूत वृद्धि दर्ज की गई. कंपनियों ने लगातार उत्पादन जारी रखा ताकि बढ़ती घरेलू मांग को पूरा किया जा सके. आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में यात्री वाहनों की थोक बिक्री पिछले साल की तुलना में 25% बढ़कर लगभग 44 लाख यूनिट तक पहुंच गई. वहीं खुदरा बिक्री में भी सालाना आधार पर करीब 16 प्रतिशत की मजबूत बढ़त दर्ज की गई.

कम हुई इन्वेंट्री, बढ़ी बाजार की उम्मीदें

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि वाहन डीलरों के पास मौजूद स्टॉक में भी कमी आई है. फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2025 में जहां इन्वेंट्री स्तर करीब 60 दिनों का था, वहीं अप्रैल 2026 तक यह घटकर लगभग 28 से 30 दिन रह गया. इसका मतलब है कि बाजार में ग्राहकों की मांग मजबूत बनी हुई है और कंपनियों का स्टॉक तेजी से निकल रहा है.

निर्यात में भी दिखी मजबूती

घरेलू बाजार के अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी भारतीय वाहन कंपनियों का प्रदर्शन बेहतर होता दिखाई दे रहा है. आईसीआरए के अनुसार, अप्रैल महीने में यात्री वाहनों के निर्यात में भी 13% की क्रमिक वृद्धि दर्ज की गई है. यह संकेत देता है कि भारतीय ऑटोमोबाइल कंपनियां वैश्विक बाजार में अपनी मौजूदगी लगातार मजबूत कर रही हैं और उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर भी ध्यान दे रही हैं.

FY27 को लेकर क्या है अनुमान?

आईसीआरए का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2027 में यात्री वाहनों की थोक बिक्री में 4 से 6 प्रतिशत तक की वृद्धि देखने को मिल सकती है. यदि मांग इसी तरह मजबूत बनी रहती है तो आने वाले समय में भारत का ऑटोमोबाइल सेक्टर और तेजी से आगे बढ़ सकता है. कार बाजार से जुड़े कारोबारियों और ग्राहकों के लिए यह रिपोर्ट आने वाले समय की सकारात्मक तस्वीर पेश कर रही है, जहां नई कारों की मांग और बाजार की रफ्तार दोनों बढ़ने की उम्मीद है.

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