Petrol-Diesel Rate on June 22: पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच आम लोगों के लिए राहत की खबर सामने आई है. केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में ईंधन की कीमतों में कमी देखने को मिल सकती है. हालांकि इसके लिए अभी कुछ समय इंतजार करना होगा.
उत्तर प्रदेश में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि फिलहाल तेल कंपनियों के पास पहले से अधिक कीमत पर खरीदे गए कच्चे तेल का स्टॉक मौजूद है. जैसे ही कम कीमत पर खरीदा गया कच्चा तेल भारत पहुंचेगा और उसका उपयोग शुरू होगा, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी आने की संभावना बन सकती है.
सस्ते क्रूड ऑयल का फायदा उपभोक्ताओं तक पहुंचेगा
केंद्रीय मंत्री ने कहा, “अभी कंपनियों के पास ज्यादा कीमत पर खरीदे गए कच्चे तेल का स्टॉक है. जैसे ही कम कीमत पर खरीदा गया कच्चा तेल उनके पास पहुंचेगा, तो कीमत में कमी आने की संभावना है.” उनके इस बयान के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रित रहती हैं तो भविष्य में आम उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है.
वैश्विक तनाव के बावजूद भारत में कीमतें स्थिर
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे तनाव तथा वैश्विक ऊर्जा संकट के माहौल के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कई अन्य देशों की तुलना में काफी हद तक स्थिर बनी हुई हैं. उन्होंने कहा कि सरकार लगातार ऐसे कदम उठा रही है जिससे आम लोगों पर ईंधन की बढ़ती कीमतों का बोझ कम पड़े और देश में ईंधन की उपलब्धता प्रभावित न हो.
सरकार ने कई बार घटाई एक्साइज ड्यूटी
केंद्रीय मंत्री के अनुसार पेट्रोल और डीजल की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए केंद्र सरकार ने नवंबर 2021, मई 2022 और फिर 2026 में एक्साइज ड्यूटी में कटौती की थी. उन्होंने बताया कि इन फैसलों के कारण सरकार ने प्रति लीटर लगभग 10 रुपये तक के राजस्व प्रभाव का बोझ स्वयं उठाया है ताकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती कीमतों का सीधा असर आम जनता पर न पड़े.
22 जून को प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम
देश के विभिन्न शहरों में स्थानीय करों और वैट के कारण पेट्रोल एवं डीजल की कीमतें अलग-अलग हैं.
| शहर | पेट्रोल (रुपये प्रति लीटर) | डीजल (रुपये प्रति लीटर) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 102.12 | 95.20 |
| मुंबई | 111.18 | 97.83 |
| कोलकाता | 113.47 | 99.82 |
| चेन्नई | 107.77 | 99.55 |
| बेंगलुरु | 110.93 | 98.80 |
| हैदराबाद | 115.69 | 103.82 |
| अगरतला | 105.17 | 94.05 |
| गुवाहाटी | 105.85 | 97.33 |
| पटना | 113.35 | 99.36 |
कैसे तय होती है पेट्रोल-डीजल की कीमत?
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कई कारकों पर निर्भर करती हैं. इनमें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, रिफाइनिंग लागत, परिवहन खर्च, तेल कंपनियों का मार्जिन, केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी, राज्य सरकारों का वैट और पेट्रोल पंप डीलरों का कमीशन शामिल होता है.
तेल कंपनियां सबसे पहले कच्चे तेल की कीमत, रिफाइनिंग खर्च, माल ढुलाई लागत और अपने परिचालन खर्च को जोड़कर एक बेस प्राइस तय करती हैं. इसके बाद केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगाए गए कर इसमें जोड़े जाते हैं. इसके अलावा पेट्रोल पंप संचालकों को प्रति लीटर के हिसाब से एक निश्चित कमीशन दिया जाता है. इन सभी लागतों और करों को जोड़ने के बाद पेट्रोल और डीजल की अंतिम खुदरा कीमत तय होती है.
जानकारों के अनुसार पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमत में टैक्स और अन्य शुल्कों की हिस्सेदारी लगभग 50 से 55% तक होती है. यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव का असर तुरंत खुदरा कीमतों पर दिखाई नहीं देता.
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