New Delhi: रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद सरकार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 25 से 28 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ोतरी कर सकती है. इसी बीच ईरान से जुड़े युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल रहा है. हालांकि, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है.
कीमत बढ़ाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पेट्रोल और डीजल की कीमत बढ़ाने का कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है. मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि इस तरह की खबरें भ्रामक और शरारतपूर्ण हैं, जिनका उद्देश्य लोगों के बीच डर और घबराहट फैलाना है. सरकार के अनुसार, पिछले चार वर्षों में भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं की गई है. साथ ही सरकार और तेल कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का बोझ आम जनता पर न पड़े, इसके लिए लगातार कदम उठाए हैं.
सरकार ने इन्हें ‘फेक न्यूज’ करार दिया
चुनाव या अन्य कारणों से पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने की जो खबरें सामने आ रही हैं, वे आधिकारिक नहीं हैं. भारत सरकार ने इन्हें ‘फेक न्यूज’ (Fake News) करार दिया है, इसलिए जनता को घबराने की जरूरत नहीं है. मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा- “कुछ न्यूज रिपोर्ट्स में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की बात कही जा रही है. इस संबंध में यह स्पष्ट किया जाता है कि सरकार के विचाराधीन ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है. ऐसी खबरें नागरिकों के बीच डर और घबराहट पैदा करने के लिए फैलाई जा रही हैं, और ये शरारतपूर्ण और भ्रामक हैं.”
पिछले 4 वर्षों में कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं
पोस्ट में आगे लिखा गया कि दरअसल, भारत ही एकमात्र ऐसा देश है जहां पिछले 4 वर्षों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है. भारत सरकार और तेल PSUs ने अंतरराष्ट्रीय कीमतों में होने वाली भारी बढ़ोतरी से भारतीय नागरिकों को बचाने के लिए लगातार कदम उठाए हैं. बयान में कहा गया, “भारत सरकार और तेल PSUs ने अंतरराष्ट्रीय कीमतों में भारी बढ़ोतरी से भारतीय नागरिकों को बचाने के लिए लगातार कदम उठाए हैं.”
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