हुंडई मोटर का मुनाफा 23.6% गिरा, अमेरिकी टैरिफ और बढ़ती लागत का असर

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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दक्षिण कोरिया की दिग्गज ऑटो कंपनी हुंडई मोटर के लिए साल 2026 की शुरुआत चुनौतीपूर्ण रही है. पहली तिमाही में कंपनी के मुनाफे में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. हालांकि अच्छी बात यह रही कि गिरावट के बावजूद कंपनी का प्रदर्शन बाजार के अनुमान से बेहतर रहा, जिससे संकेत मिलता है कि दबाव के बीच भी कंपनी ने संतुलन बनाए रखा है.

मुनाफे में बड़ी गिरावट

कंपनी के अनुसार जनवरी से मार्च के बीच उसका शुद्ध मुनाफा 23.6 प्रतिशत घटकर 2.58 ट्रिलियन वोन रह गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 3.38 ट्रिलियन वोन था. ऑपरेटिंग इनकम में भी तेज गिरावट देखने को मिली है. यह 30.8 प्रतिशत घटकर 2.51 ट्रिलियन वोन रह गई. हालांकि बिक्री के आंकड़ों में हल्की बढ़त देखने को मिली और यह 3.4 प्रतिशत बढ़कर 45.93 ट्रिलियन वोन तक पहुंच गई.

अनुमान से बेहतर प्रदर्शन

मुनाफे में गिरावट के बावजूद कंपनी का प्रदर्शन बाजार की उम्मीदों से बेहतर रहा. विश्लेषकों ने औसतन 2.43 ट्रिलियन वोन मुनाफे का अनुमान लगाया था, जबकि कंपनी ने 2.58 ट्रिलियन वोन का मुनाफा दर्ज किया. यह दिखाता है कि चुनौतियों के बावजूद कंपनी की स्थिति उतनी कमजोर नहीं है जितनी आशंका जताई जा रही थी.

गिरावट की बड़ी वजहें

हुंडई मोटर ने मुनाफे में कमी के लिए कई कारण बताए हैं. इसमें सबसे बड़ा असर अमेरिकी ऑटो टैरिफ और कच्चे माल की बढ़ती कीमतों का रहा है. कंपनी के मुताबिक केवल टैरिफ से जुड़े खर्च ही इस तिमाही में 860 अरब वोन तक पहुंच गए. इसके अलावा बढ़ते निवेश और वैश्विक आर्थिक दबाव ने भी मुनाफे पर असर डाला है. वैश्विक स्तर पर कंपनी की कुल थोक बिक्री 2.5 प्रतिशत घटकर 9,76,219 यूनिट रह गई, जो बाजार में मांग की कमजोरी को दर्शाती है. हालांकि कंपनी का कहना है कि इस चुनौतीपूर्ण माहौल में भी उसका प्रदर्शन कई प्रतिस्पर्धियों से बेहतर रहा है.

हाइब्रिड और ईवी से मिला सहारा

मुनाफे पर दबाव के बीच कंपनी के लिए अच्छी खबर इको-फ्रेंडली वाहनों से आई है.  हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री रिकॉर्ड 1,73,977 यूनिट तक पहुंच गई, जबकि इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 58,788 यूनिट रही. कुल बिक्री में इको-फ्रेंडली वाहनों की हिस्सेदारी बढ़कर 24.9 प्रतिशत हो गई, जिसमें सिर्फ हाइब्रिड की हिस्सेदारी 17.8 प्रतिशत रही. यह दिखाता है कि कंपनी की रणनीति धीरे-धीरे इलेक्ट्रिफिकेशन की ओर मजबूत हो रही है.

बाजार हिस्सेदारी में बढ़त

चुनौतियों के बावजूद कंपनी ने बाजार में अपनी पकड़ मजबूत की है. वैश्विक बाजार में हुंडई का हिस्सा बढ़कर 4.9 प्रतिशत हो गया, जो पिछले साल 4.6 प्रतिशत था. वहीं अमेरिकी बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी 5.6 प्रतिशत से बढ़कर 6 प्रतिशत हो गई.

आगे का रास्ता

कंपनी ने साफ किया है कि आने वाले समय में वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और व्यापारिक चुनौतियां बनी रह सकती हैं. इन परिस्थितियों से निपटने के लिए हुंडई नए मॉडल लॉन्च करने, हाई-वैल्यू वाहनों की रेंज बढ़ाने और इलेक्ट्रिक व हाइब्रिड वाहनों पर ज्यादा फोकस करने की योजना बना रही है. साथ ही कंपनी लागत नियंत्रण और बेहतर रणनीति के जरिए टैरिफ और बाहरी दबावों के असर को कम करने की कोशिश करेगी.

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